Oracle में छंटनी पर सरकार का ध्यान, श्रम मंत्री को लिखी गई चिट्ठी
'हजारों परिवारों की जिम्मेदारी कौन लेगा', Oracle में छंटनी का मामला सरकार तक पहुंचा, श्रम मंत्री को लिखी चिट्ठी
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Oracle में हाल ही में हुई छंटनी के मामले ने केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया का ध्यान आकर्षित किया है। सांसद राजाराम सिंह ने पत्र लिखकर 12,000 कर्मचारियों के परिवारों की आजीविका की चिंता जताई और सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
- 01Oracle ने भारत में लगभग 12,000 कर्मचारियों को निकाला है।
- 02सांसद राजाराम सिंह ने श्रम मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की।
- 03छंटनी को सामाजिक अनुबंध का उल्लंघन बताया गया है।
- 04कंपनी ने वैश्विक स्तर पर लगभग 30,000 कर्मचारियों को निकाला है।
- 05सरकार की चुप्पी को लेकर चिंता जताई गई है।
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ओरेकल (Oracle), एक प्रमुख मल्टीनेशनल आईटी कंपनी, ने हाल ही में भारत में 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की है, जिससे उनके परिवारों की आजीविका पर संकट आ गया है। इस मामले में केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया को सांसद राजाराम सिंह ने पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चिंता जताई है कि बिना किसी पूर्व सूचना के इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को निकाला जाना सामाजिक अनुबंध का उल्लंघन है। राजाराम सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियों को भारत में भारी टैक्स रियायतें और सुविधाएं दी जाती हैं, और इसके बदले में उनकी जिम्मेदारी होती है कि वे रोजगार पैदा करें। उन्होंने श्रम मंत्री से मांग की है कि ओरेकल से इस छंटनी पर स्पष्टीकरण मांगा जाए और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। ओरेकल ने वैश्विक स्तर पर लगभग 30,000 कर्मचारियों को निकाला है, जिसमें भारत में 12,000 कर्मचारी शामिल हैं। सांसद ने सरकार की चुप्पी को आईटी उद्योग में काम करने वाले लाखों लोगों की नौकरी की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
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इस छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट आ गया है।
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