हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल की बफ़र ज़ोन योजना को खारिज किया, रॉकेट हमले की चेतावनी
बफ़र ज़ोन प्लान को ठुकराने के बाद हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल पर की रॉकेटों की बौछार
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हिज़्बुल्लाह के महासचिव नईम कासिम ने इज़रायल की बफ़र ज़ोन योजना को अस्वीकार कर दिया है, जबकि इज़रायल ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य ऑपरेशन जारी रखा है। ईरान पर अमेरिकी नाकेबंदी के चलते तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है।
- 01हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल की बफ़र ज़ोन योजना को अस्वीकार किया।
- 02ईरान पर अमेरिकी नाकेबंदी के कारण तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं।
- 03हिज़्बुल्लाह ने विस्थापित निवासियों की वापसी को संघर्ष समाधान की पहली शर्त बताया।
- 04लेबनान और इज़रायल के बीच सीज़फायर के लिए बातचीत की संभावना।
- 05ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी को समुद्री डकैती के समान बताया।
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हिज़्बुल्लाह के महासचिव नईम कासिम ने इज़रायल की बफ़र ज़ोन योजना को खारिज कर दिया है, यह कहते हुए कि यह योजना सफल नहीं होगी और दक्षिणी लेबनान क्षेत्र लेबनान के नियंत्रण में रहेगा। कासिम ने कहा कि विस्थापित निवासियों की वापसी और पुनर्निर्माण किसी भी समाधान की प्राथमिक शर्तें हैं। इस बीच, ईरान पर अमेरिकी नाकेबंदी लागू हो गई है, जिससे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आने की आशंका बढ़ गई है। ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी को एक गैर-कानूनी कार्रवाई बताया है और इसे समुद्री डकैती के बराबर माना है। लेबनान और इज़रायल के बीच सीज़फायर के लिए बातचीत हो रही है, जिसमें लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने सकारात्मक नतीजों की उम्मीद जताई है।
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ईरान पर नाकेबंदी और बढ़ती तेल कीमतें लेबनान और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक दबाव बढ़ा सकती हैं।
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