महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक निर्णय की ओर बढ़ता भारत: पीएम मोदी
21वीं सदी का सबसे बड़ा फैसला, संसद रचने जा रही है इतिहास...महिला आरक्षण पर सम्मेलन में पीएम मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में महिला आरक्षण विधेयक के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक 16 से 18 अप्रैल को संसद में पेश किया जाएगा, जिससे महिलाओं के लिए राजनीतिक भागीदारी का रास्ता आसान होगा।
- 01महिला आरक्षण विधेयक को 16-18 अप्रैल को संसद में पेश किया जाएगा।
- 02पीएम मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आर्थिक पहल का उल्लेख किया।
- 03सरकार ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।
- 04महिलाओं के लिए 3 करोड़ से अधिक घरों का पंजीकरण किया गया है।
- 05स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णय की ओर इशारा करते हुए 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद में पेश किया जाएगा। इस विधेयक के पारित होने से पंचायतों से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। मोदी ने महिला सशक्तिकरण के लिए आर्थिक पहल की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को घरों का मालिकाना हक मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 के बाद से 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं और 60 प्रतिशत से अधिक ऋण महिलाओं द्वारा लिए गए हैं। मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज महिलाएं महत्वपूर्ण संवैधानिक और प्रशासनिक पदों पर हैं।
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महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने से महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में बढ़ावा मिलेगा, जिससे उनके अधिकार और सशक्तिकरण में वृद्धि होगी।
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