सुप्रीम कोर्ट ने बायोमेट्रिक मतदान प्रणाली पर केंद्र और चुनाव आयोग से मांगा जवाब
मतदान के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग से मांगा जवाब, प्रॉक्सी वोटिंग रोकने के लिए कदम
Jagran-1776101341232.webp)
Image: Jagran
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी मतदान रोकने के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली लागू करने की मांग पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। यह उपाय आगामी चुनावों से पहले विचार करने के लिए जरूरी बताया गया है, जबकि वर्तमान विधानसभा चुनावों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली की मांग पर केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा।
- 02याचिका का उद्देश्य फर्जी मतदान और प्रॉक्सी वोटिंग को रोकना है।
- 03यह उपाय आगामी चुनावों से पहले लागू करने की आवश्यकता है।
- 04याचिका में मतदाता पहचान को मजबूत करने की बात की गई है।
- 05सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा विधानसभा चुनावों पर इस मांग का प्रभाव नहीं होने की पुष्टि की।
Advertisement
In-Article Ad
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को फर्जी मतदान रोकने के लिए मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली लागू करने की मांग पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा। प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इस प्रणाली को आगामी संसदीय चुनावों या राज्य विधानसभा चुनावों से पहले लागू करने पर विचार किया जाना चाहिए। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से मतदाता की पहचान मजबूत होगी और इससे रिश्वतखोरी तथा प्रॉक्सी वोटिंग को रोका जा सकेगा। उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि वह इस मांग को वर्तमान में चल रहे विधानसभा चुनावों के लिए नहीं कर रहे हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि मौजूदा प्रणाली में मतदाता की पहचान वोटर आइडी कार्ड और मैनुअल सत्यापन पर निर्भर करती है, जो दुरुपयोग का शिकार हो सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
यदि बायोमेट्रिक प्रणाली लागू होती है, तो यह मतदाता पहचान को सुरक्षित बनाएगी और फर्जी मतदान की घटनाओं में कमी ला सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि बायोमेट्रिक मतदान प्रणाली लागू करनी चाहिए?
Connecting to poll...
More about भारत सरकार
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।






