भारत की अर्थव्यवस्था पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों का असर: मॉर्गन स्टेनली की चेतावनी
Morgan Stanley Warning: उधर अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत फेल, इधर भारत के लिए आई बुरी खबर, अर्थव्यवस्था पर चेतावनी
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने से भारत की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट में जीडीपी ग्रोथ 2026-27 में 6.2% तक धीमी होने का अनुमान है, जबकि महंगाई 5.1% तक पहुंचने की संभावना है।
- 01भारत की जीडीपी ग्रोथ 2026-27 में 6.2% तक धीमी हो सकती है।
- 02कच्चे तेल की कीमतें औसतन 95 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है।
- 03महंगाई वित्त वर्ष 2026-27 में 5.1% तक बढ़ सकती है।
- 04चालू खाता घाटा जीडीपी के 2.5% तक पहुंचने की संभावना है।
- 05रिपोर्ट में भारत की कमोडिटी संकटों के प्रति संरचनात्मक कमजोरी का उल्लेख किया गया है।
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मॉर्गन स्टेनली की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता न होने से भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.2% तक धीमी हो जाएगी, जो पहले के अनुमानों से कम है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, जो औसतन 95 डॉलर प्रति बैरल रहने की संभावना है, महंगाई को बढ़ाने और मांग को कम करने का कारण बनेंगी। इसके परिणामस्वरूप, उपभोक्ता मूल्य महंगाई 5.1% तक पहुंच सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चालू खाता घाटा (CAD) जीडीपी के 2.5% तक बढ़ने की संभावना है, जो पहले लगभग 1% था। भारत की अर्थव्यवस्था में इन चुनौतियों के बावजूद, मजबूत घरेलू मांग और बेहतर नीतिगत प्रबंधन के कारण कुछ राहत की उम्मीद है।
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महंगाई और बढ़ती इनपुट लागतों के कारण परिवारों की क्रय शक्ति में कमी आएगी, जिससे उनकी जीवन स्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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