महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक आज संसद में पेश, राजनीतिक संघर्ष की आशंका
आज संसद में पेश होंगे महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक, सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच राजनीतिक संघर्ष तय
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भारत की संसद में आज महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन शामिल है, जो 2029 के चुनावों से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करेगा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक संघर्ष की संभावना है।
- 01महिला आरक्षण विधेयक में 33% आरक्षण का प्रावधान है।
- 02परिसीमन विधेयक नई जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण का प्रावधान करता है।
- 03सरकार को दोनों विधेयकों के पारित होने में कोई बाधा नहीं होने की उम्मीद है।
- 04विपक्ष ने परिसीमन विधेयक पर सवाल उठाए हैं, लेकिन महिला आरक्षण विधेयक का विरोध नहीं है।
- 05प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चर्चा में शामिल होंगे।
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आज संसद के विशेष सत्र में भारत सरकार द्वारा महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम (2023) में संशोधन शामिल है, जो 2029 के लोकसभा चुनावों से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, परिसीमन विधेयक 2026 नई जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण का प्रावधान करता है। सरकार का लक्ष्य है कि ये विधेयक बिना किसी राज्य की मौजूदा सीटों को घटाए लागू हों। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक संघर्ष की आशंका है, लेकिन सरकार को विश्वास है कि वह दोनों विधेयकों को पारित कराने में सफल होगी। विपक्ष ने परिसीमन विधेयक पर सवाल उठाए हैं, लेकिन महिला आरक्षण विधेयक का विरोध नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल होंगे।
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यदि महिला आरक्षण विधेयक पारित होता है, तो इससे महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बढ़ावा मिलेगा, जो समाज में उनकी स्थिति को सशक्त करेगा।
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