विपक्ष ने महिला आरक्षण विधेयक के परिसीमन प्रावधानों का किया विरोध
विपक्ष की हुंकार, परिसीमन के खिलाफ करेंगे वोट
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कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक के परिसीमन प्रावधानों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वे 33 प्रतिशत आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इस विधेयक में प्रस्तावित परिसीमन खतरनाक है। विपक्ष ने एकजुट होकर इस मुद्दे पर वोट करने का निर्णय लिया है।
- 01विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में, लेकिन परिसीमन प्रावधानों का विरोध कर रहा है।
- 02कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक में सभी दलों को एकजुट किया।
- 03महिला आरक्षण का लागू होना 2029 से वर्तमान 543 सीटों के आधार पर होगा।
- 04प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ओबीसी का 'हिस्सा चोरी' करने का आरोप।
- 05विपक्ष ने संवैधानिक संशोधन विधेयक के खिलाफ एकजुट होकर वोट देने का निर्णय लिया।
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कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक के परिसीमन प्रावधानों का विरोध करने का निर्णय लिया है। विपक्ष का मानना है कि यह प्रावधान खतरनाक हैं। मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष) की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी दलों ने एकजुटता से इस मुद्दे पर वोट करने का निर्णय लिया। विपक्ष ने कहा कि वे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में हैं, लेकिन परिसीमन के प्रस्तावों को स्वीकार नहीं करेंगे। बैठक में शामिल नेताओं में राहुल गांधी (लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष), टी. आर. बालू (द्रमुक नेता), और तेजस्वी यादव (राजद नेता) शामिल थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला आरक्षण के नाम पर अन्य पिछड़ा वर्गों का 'हिस्सा चोरी' कर रहे हैं।
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महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने से महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बढ़ावा मिलेगा, जिससे समाज में उनकी भूमिका मजबूत होगी।
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