दिल्ली में जनगणना का पहला चरण शुरू: घर-घर सर्वेक्षण और डिजिटल डेटा संग्रह
दिल्ली में जनगणना का पहला चरण: घर-घर होगा सर्वे, डिजिटल तरीके से जुटेगा डेटा; सभी क्षेत्रों को किया जाएगा कवर
Amar Ujala
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दिल्ली में जनगणना का पहला चरण गुरुवार से शुरू हो रहा है, जिसमें घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा। इस प्रक्रिया में 33 प्रश्नों के सेट के जरिए डेटा डिजिटल माध्यम से एकत्र किया जाएगा, जो शासन और नीतिगत निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- 01जनगणना का पहला चरण घर-घर सर्वेक्षण के साथ शुरू हो रहा है।
- 02सर्वेक्षण में 33 प्रश्नों के सेट के जरिए जानकारी एकत्र की जाएगी।
- 03यह प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी, जिससे डेटा की सटीकता बढ़ेगी।
- 04पहला चरण दो अलग-अलग 30 दिवसीय चक्रों में चलेगा।
- 05दूसरा चरण बाद में व्यक्तियों की गणना के लिए किया जाएगा।
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दिल्ली में जनगणना का पहला चरण गुरुवार से आरंभ हो रहा है, जिसमें घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा। इस चरण को हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस कहा जाता है, जिसमें घरों, इमारतों और जीवन स्थितियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। सर्वेक्षण में 33 प्रश्नों के सेट के जरिए बुनियादी सुविधाओं, घर के स्वामित्व की स्थिति और घर के मुखिया की जानकारी ली जाएगी। यह प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी, जिससे डेटा की सटीकता और दक्षता में वृद्धि होगी। पहले चरण का संचालन दो अलग-अलग 30 दिवसीय चक्रों में किया जाएगा। पहले चक्र का कार्य 16 अप्रैल से 15 मई तक नई दिल्ली नगर परिषद और दिल्ली छावनी क्षेत्रों में होगा, जबकि दूसरे चक्र का कार्य 16 मई से 15 जून तक दिल्ली नगर निगम क्षेत्रों में होगा। यह सर्वेक्षण दिल्ली के सभी जिलों, घनी आबादी वाली कॉलोनियों, अनधिकृत बस्तियों और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों को कवर करेगा।
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इस जनगणना से दिल्ली में शासन और नीतिगत निर्णयों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, जिससे निवासियों को बेहतर सुविधाएं और सेवाएं मिल सकेंगी।
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