दिल्ली का 'मनहूस बंगला' गिराने की योजना, नया कार्यालय बनेगा
तोड़ा जाएगा दिल्ली का 'मनहूस बंगला'! जहां न कोई CM टिका न ही मंत्री; VIP पते 33 शामनाथ मार्ग की रहस्यमयी कहानी
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दिल्ली सरकार 33, शामनाथ मार्ग स्थित 100 साल पुराने 'मनहूस बंगले' को गिराकर यहां राज्य आपदा प्रबंधन कार्यालय बनाने की योजना बना रही है। इस बंगले का इतिहास राजनीतिक घटनाओं और मिथकों से भरा हुआ है, जिससे कई नेता यहां रहने से परहेज करते रहे हैं।
- 01दिल्ली सरकार 33, शामनाथ मार्ग के बंगले को गिराने की योजना बना रही है।
- 02यह बंगला दशकों से 'मनहूस' के नाम से जाना जाता है।
- 03कई नेताओं ने इस बंगले में रहने से परहेज किया है।
- 04बंगले का इतिहास राजनीतिक घटनाओं और मिथकों से भरा हुआ है।
- 05नई इमारत के निर्माण से इस स्थान का प्रशासनिक उपयोग होगा।
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दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में स्थित 33, शामनाथ मार्ग का ब्रिटिश कालीन बंगला, जिसे दशकों से 'मनहूस बंगला' कहा जाता है, अब एक बार फिर चर्चा में है। दिल्ली सरकार इस दो मंजिला बंगले को गिराकर यहां राज्य आपदा प्रबंधन कार्यालय बनाने की योजना बना रही है। यह बंगला लगभग 100 साल पुराना है और इसके साथ कई राजनीतिक घटनाएं जुड़ी हुई हैं, जिनमें दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश का असफल कार्यकाल शामिल है। बंगले की 'मनहूस' छवि की शुरुआत 1952 में हुई जब ब्रह्म प्रकाश को कथित घोटाले के आरोपों के चलते इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद कई अन्य नेताओं ने भी इस बंगले में रहने से परहेज किया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी शामिल थीं। अब, यदि सरकार इस बंगले को गिराकर नया कार्यालय बनाती है, तो यह स्थान प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयोगी होगा और 'मनहूस बंगले' की कहानी इतिहास का हिस्सा बन जाएगी।
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बंगले के गिरने से प्रशासनिक कार्यों के लिए नया कार्यालय बनेगा, जिससे सरकारी सेवाओं में सुधार हो सकता है।
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