मेरठ में अस्पताल सील करने पर महिलाओं और कर्मचारियों का रोष
'हमारा रोजगार छीन लिया, बर्तन भी नहीं धो सकती', मेरठ सेंट्रल मार्केट में रोते हुए अफसरों से बोली महिला
Jagran
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मेरठ, उत्तर प्रदेश में जनप्रिया अस्पताल के सील होने से अस्पताल की मालिक राजरानी और अन्य कर्मचारी बेहद दुखी हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपनी समस्याएं साझा कीं, जिसमें रोजगार का नुकसान और आवास संकट शामिल है। अधिकारियों ने उनकी चिंताओं का कोई समाधान नहीं दिया।
- 01जनप्रिया अस्पताल को सील किया गया, जिससे अस्पताल की मालिक और कर्मचारी परेशान हैं।
- 02राजरानी ने अधिकारियों से कहा कि यह कार्रवाई उनके रोजगार को समाप्त कर रही है।
- 03अस्पताल के मरीजों और सामान को 24 घंटे में निकालने का समय नहीं दिया गया।
- 04स्कूल के कर्मचारियों ने भी सील होने से आवास संकट का सामना करने की चिंता जताई।
- 05अधिकारियों ने महिलाओं और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया।
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मेरठ, उत्तर प्रदेश में जनप्रिया अस्पताल को सील करने की कार्रवाई ने अस्पताल की मालिक राजरानी (लगभग 60 वर्ष) और अन्य कर्मचारियों को गहरे संकट में डाल दिया है। राजरानी ने अधिकारियों से कहा कि यह अस्पताल समाज सेवा के रूप में चल रहा था और अब यह कार्रवाई उनके रोजगार को समाप्त कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि 24 घंटे में अस्पताल के मरीजों और सामान को निकालना संभव नहीं है। इसी तरह, मेरठ पब्लिक गर्ल्स स्कूल के मेंटीनेंस सुपरवाईजर अमरीश शर्मा ने भी अपनी चिंता व्यक्त की कि अब उन्हें और अन्य कर्मचारियों को कहां रहना होगा। अधिकारियों के पास इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं था, जिससे लोगों में और भी निराशा बढ़ गई है।
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इस कार्रवाई से अस्पताल के कर्मचारियों और उनके परिवारों पर गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ेगा।
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