मिर्जापुर में 14,000 साल पुरानी रॉक आर्ट की खोज
एक गलत मोड़ से हो गई प्रागैतिहासिक खोज! मिर्जापुर की गुफाओं में मिली 14,000 साल पुरानी 'रॉक आर्ट' की नई साइट
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
दिल्ली विश्वविद्यालय की एक रिसर्च टीम ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में 14,000 साल पुरानी रॉक आर्ट की नई साइट खोजी है। यह खोज 'चौखड़ा रॉक आर्ट' नाम से जानी जाती है और इसमें प्राचीन चित्रों के कई पैनल शामिल हैं, जो सामूहिक गतिविधियों को दर्शाते हैं।
- 01दिल्ली विश्वविद्यालय की टीम ने मिर्जापुर में प्रागैतिहासिक रॉक आर्ट की खोज की।
- 02यह साइट 'चौखड़ा रॉक आर्ट' के नाम से जानी जाती है।
- 03चित्रों की उम्र लगभग 14,000 से 10,000 साल पुरानी मानी जा रही है।
- 04खोज में मानव आकृतियों और शिकार के दृश्य शामिल हैं।
- 05टीम अब एएसआई से विस्तृत अन्वेषण के लिए अनुमति लेने की योजना बना रही है।
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दिल्ली विश्वविद्यालय की रिसर्च टीम ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चौखड़ा गांव में 14,000 साल पुरानी 'रॉक आर्ट' की नई साइट खोजी है। यह खोज तब हुई जब टीम ने एक साधारण फील्ड विजिट के दौरान गलती से इस स्थान पर पहुंच गई। यहां लाल रंग के प्राचीन चित्र मिले, जिनमें मानव आकृतियां, जानवर, और सामूहिक गतिविधियों के दृश्य शामिल हैं। ये चित्र मध्य भारत की प्रारंभिक मेसोलिथिक रॉक आर्ट से मिलते हैं, जिससे इनकी उम्र लगभग 14,000 से 10,000 साल पुरानी मानी जा रही है। रिसर्चर सुदेशना बिस्वास ने बताया कि चित्रों में धनुष-बाण लिए मानव आकृतियां और त्रिभुजाकार आकृतियां शामिल हैं। टीम अब Archaeological Survey of India (ASI) से विस्तृत अन्वेषण और वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए अनुमति लेने की योजना बना रही है।
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यह खोज प्रागैतिहासिक मानव सभ्यता के अध्ययन में महत्वपूर्ण हो सकती है और मिर्जापुर क्षेत्र में पर्यटन और शोध के नए अवसर पैदा कर सकती है।
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