धूमकेतु एमएपीएस का सूर्य के निकटतम गुजारा, पश्चिमी आकाश में दिखेगा
धूमकेतु एमएपीएस सूर्य के करीब से गुजरा, सोमवार से दिखेगा पश्चिमी आकाश में
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धूमकेतु सी/2026 ए1 (एमएपीएस) ने शनिवार को सूर्य के करीब से गुजारा, अब यह सोमवार से पश्चिमी आकाश में दिखाई देगा। वैज्ञानिकों की नजरें इस धूमकेतु पर हैं, जो सूर्य के पीछे छिपा रहेगा।
- 01धूमकेतु एमएपीएस ने सूर्य से 1.63 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजारा।
- 02यह सोमवार से पश्चिमी आकाश में नजर आएगा।
- 03इस धूमकेतु की निगरानी नासा की आब्जरवेटरी सोहो कर रही है।
- 04धूमकेतु सूर्य के निकट आने पर नष्ट भी हो सकते हैं।
- 05धूमकेतु के पीछे छोड़े गए धूल कण उल्कावृष्टि का कारण बन सकते हैं।
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धूमकेतु सी/2026 ए1 (एमएपीएस) ने शनिवार को सूर्य से लगभग 1.63 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरा। यह धूमकेतु सोमवार से पश्चिमी आकाश में दिखाई देने लगेगा। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डा. शशिभूषण पांडेय के अनुसार, वैज्ञानिक इस धूमकेतु पर ध्यान दे रहे हैं और नासा की आब्जरवेटरी सोहो इसकी निगरानी कर रही है। धूमकेतु सूर्य के पीछे की दिशा में आगे बढ़ रहा है और रविवार को यह सूर्य के पीछे छिपा रहेगा, जिससे इसे जमीन पर स्थित दूरबीनों से नहीं देखा जा सकेगा। धूमकेतु हमारे सौर मंडल के दूर के छोर से आते हैं और सूर्य के निकट आने पर कभी-कभी नष्ट हो जाते हैं। ये धूमकेतु आसमान की सुंदरता को बढ़ाते हैं और उल्कावृष्टि का कारण बनते हैं, जब पृथ्वी उनके पीछे छोड़े गए धूल कणों से गुजरती है।
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