कलपक्कम न्यूक्लियर रिएक्टर से भारत बनेगा ऊर्जा महाशक्ति
भारत को सुपर पावर बनाएगा कलपक्कम न्यूक्लियर रिएक्टर, परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में होगा बोलबाला
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत के कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने 'क्रिटिकल' अवस्था हासिल की है, जिससे देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और थोरियम के भंडार का उपयोग बढ़ेगा। यह रिएक्टर 500 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा, जो भारत को परमाणु ऊर्जा में एक प्रमुख शक्ति बनाएगा।
- 01कलपक्कम रिएक्टर ने 'क्रिटिकल' अवस्था हासिल की।
- 02यह 500 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा, लगभग 4-5 लाख घरों के लिए पर्याप्त।
- 03भारत के पास विश्व के ज्ञात थोरियम भंडार का 25% हिस्सा है।
- 04रूस के बाद, भारत का फास्ट ब्रीडर रिएक्टर का दूसरा स्थान।
- 052030 के बाद और रिएक्टरों के निर्माण की योजना है।
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कलपक्कम, तमिलनाडु में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने हाल ही में 'क्रिटिकल' अवस्था प्राप्त की है, जो भारत के असैन्य परमाणु कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह रिएक्टर 500 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा, जो लगभग 4 से 5 लाख औसत भारतीय घरों को बिजली देने के लिए पर्याप्त है। पीएफबीआर का मुख्य लाभ यह है कि यह अपनी खपत से अधिक प्लूटोनियम का उत्पादन करता है, जिससे भारत की यूरेनियम आयात पर निर्भरता कम होगी। भारत के पास विश्व के ज्ञात थोरियम भंडार का लगभग 25% हिस्सा है, जिससे यह रिएक्टर भविष्य में थोरियम को ऊर्जा में बदलने की क्षमता रखता है। भारत का लक्ष्य परमाणु ऊर्जा से 100 गीगावाट बिजली उत्पादन करना है, जिसमें वर्तमान में 7.30 गीगावाट क्षमता वाले प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं।
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यह रिएक्टर भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में मदद करेगा।
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