भारतीय वायुसेना की नई हाइड्रोजन एयरशिप: 10 दिन तक निगरानी और ड्रोन लॉन्चिंग की क्षमता
IAF बनाएगी हाइड्रोजन एयरशिप, 10 दिन तक आसमान में रहकर करेगी निगरानी; हवा में ही दुश्मन पर लॉन्च करेगी ड्रोन का झुंड
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भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक नई हाइड्रोजन एयरशिप विकसित करने का प्रोजेक्ट शुरू किया है, जो 30,000 फीट की ऊंचाई पर 10 दिन तक उड़ान भर सकेगी। यह एयरशिप निगरानी, संचार, और ड्रोन लॉन्चिंग के लिए उपयोग की जाएगी, जिससे भारत की सुरक्षा और निगरानी क्षमता में सुधार होगा।
- 01IAF ने हाइड्रोजन एयरशिप विकसित करने का प्रोजेक्ट शुरू किया है।
- 02यह एयरशिप 30,000 फीट की ऊंचाई पर 10 दिन तक उड़ान भर सकेगी।
- 03हाइड्रोजन का उपयोग इसे हल्का और पर्यावरण के अनुकूल बनाएगा।
- 04एयरशिप में ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता होगी, जिससे सेना की मारक क्षमता बढ़ेगी।
- 05इस प्रोजेक्ट में भारतीय कंपनियों को शामिल किया जाएगा, जिसमें 50% स्वदेशी तकनीक का होना आवश्यक है।
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भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक नई हाइड्रोजन एयरशिप विकसित करने की योजना बनाई है, जो बिना पायलट के मीडियम एल्टीट्यूड हेवी लिफ्ट एयरशिप होगी। यह एयरशिप 30,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता रखेगी और 10 दिन तक लगातार आसमान में रह सकेगी। इसका मुख्य उद्देश्य निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाना है। एयरशिप में हाइड्रोजन का उपयोग किया जाएगा, जो इसे हल्का और पर्यावरण के अनुकूल बनाता है। इसके अलावा, इसमें हाइब्रिड सिस्टम भी जोड़ा जाएगा, जिसमें सोलर पावर और बैटरी जैसी तकनीकें शामिल होंगी। यह एयरशिप केवल निगरानी के लिए नहीं, बल्कि 250 किलोमीटर तक सिग्नल पहुंचाने के लिए कम्युनिकेशन सिस्टम के रूप में भी कार्य करेगी। भविष्य में, इसे ड्रोन लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे सेना की मारक क्षमता में वृद्धि होगी। हालांकि, IAF ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि कितनी एयरशिप खरीदी जाएंगी, क्योंकि यह प्रोजेक्ट विकास के शुरुआती चरण में है।
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यह एयरशिप भारत की निगरानी और सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगी, जिससे सीमा सुरक्षा में सुधार होगा।
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