IAF का नया Netra Mk-2 एयरोबोर्न सिस्टम, निगरानी क्षमता में होगा सुधार
IAF का ‘Netra Mk-2’ बनेगा गेमचेंजर, 300° तक निगरानी और स्टील्थ टारगेट पकड़ने की क्षमता, एयरबस A321 पर होगा लैस
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भारतीय वायुसेना ने अपने एयरबोर्न अर्ली वार्निंग सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए Netra Mk-2 का विकास किया है। यह नया सिस्टम Airbus A321 पर आधारित होगा और इसकी निगरानी क्षमता लगभग 300° तक होगी, जिससे दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा।
- 01Netra Mk-2 को Airbus A321 पर विकसित किया जाएगा।
- 02यह सिस्टम लगभग 300° तक निगरानी करने की क्षमता रखेगा।
- 03AESA रडार तकनीक से लैस होगा, जो दुश्मन के विमानों और स्टील्थ टारगेट को पहचान सकेगा।
- 04सेंसर फ्यूजन तकनीक से रियल-टाइम जानकारी मिलेगी।
- 05यह अपग्रेड भारतीय वायुसेना की युद्ध प्रबंधन क्षमता को बढ़ाएगा।
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भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपने एयरबोर्न अर्ली वार्निंग सिस्टम को और मजबूत करने के लिए Netra Mk-2 प्रोग्राम की घोषणा की है। यह नया सिस्टम Airbus A321 विमान पर आधारित होगा, जो पुराने Netra Mk-1 की सीमाओं को खत्म करेगा। Netra Mk-2 में नया AESA रडार होगा, जो Uttam रडार तकनीक पर आधारित है। यह रडार लगभग 300° तक निगरानी करने की क्षमता रखेगा, जिसमें ऊपरी रडार 240° और नोज रडार 60° का कवरेज प्रदान करेगा। इसके साथ ही, यह सिस्टम दुश्मन के विमानों, समुद्री जहाजों, स्टील्थ एयरक्राफ्ट और ड्रोन का पता लगाने में सक्षम होगा। सेंसर फ्यूजन तकनीक के माध्यम से वायुसेना को रियल-टाइम और सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे लड़ाकू विमानों और कमांड सेंटर के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित होगा। Netra Mk-2 के आने के बाद, भारतीय वायुसेना की निगरानी और युद्ध प्रबंधन क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
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Netra Mk-2 के जरिए भारतीय वायुसेना की निगरानी और युद्ध प्रबंधन क्षमता में सुधार होगा, जिससे देश की सुरक्षा में बढ़ोतरी होगी।
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