उत्तर प्रदेश: 'ड्रोन शक्ति' का नया केंद्र, अवैध हथियारों के अतीत को पीछे छोड़ते हुए
UP की नई पहचान: 'तमंचों' वाले अतीत को पीछे छोड़ लखनऊ बना 'ड्रोन शक्ति' का केंद्र
Jagran
Image: Jagran
उत्तर प्रदेश, विशेषकर लखनऊ, अब 'डिफेंस टेक्नोलॉजी हब' के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, स्थानीय स्टार्टअप हॉवरिट ने 'दिव्यास्त्र MK-1' ड्रोन विकसित किया है, जो निगरानी और सटीक हमलों में सक्षम है। यह राज्य अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपनी छवि बदल रहा है।
- 01उत्तर प्रदेश अब 'डिफेंस टेक्नोलॉजी हब' बन गया है।
- 02स्टार्टअप हॉवरिट ने 'दिव्यास्त्र MK-1' ड्रोन विकसित किया है।
- 03यह ड्रोन 500 किलोमीटर की रेंज और 5 घंटे तक उड़ान भर सकता है।
- 04ड्रोन की निर्माण लागत अंतरराष्ट्रीय मानकों से कम है।
- 05यूपी डिफेंस कॉरिडोर में ड्रोन फैक्ट्री स्थापित की जा रही है।
Advertisement
In-Article Ad
उत्तर प्रदेश, विशेषकर लखनऊ, अब देश के 'डिफेंस टेक्नोलॉजी हब' के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, राज्य ने अवैध हथियारों के अतीत को पीछे छोड़ते हुए तकनीकी नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाया है। लखनऊ आधारित स्टार्टअप हॉवरिट ने 'दिव्यास्त्र MK-1' ड्रोन विकसित किया है, जो निगरानी और सटीक हमलों में सक्षम है। यह ड्रोन 500 किलोमीटर की रेंज तय कर सकता है और लगातार 5 घंटे तक उड़ान भर सकता है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम भी लगा है, जो इसे 10,000 फीट की ऊँचाई से 15 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने की क्षमता प्रदान करता है। स्टार्टअप की सफलता को देखते हुए, यूपी डिफेंस कॉरिडोर में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जा रही है, जिसका लक्ष्य हर महीने 20 ड्रोन का उत्पादन करना है। इसके अलावा, कंपनी 'एमके-2' वर्जन पर भी काम कर रही है, जिसकी रेंज 2000 किलोमीटर और पेलोड क्षमता 80 किलोग्राम होगी।
Advertisement
In-Article Ad
यह विकास स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और राज्य की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाएगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि उत्तर प्रदेश को डिफेंस टेक्नोलॉजी में और निवेश करना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


