भारतीय वायुसेना के लिए विकसित होगा 1000 किलोग्राम का स्वदेशी 'बाहुबली' बम
भारत के वायुसेना को मिलेगा 1000 किलो का स्वदेशी 'बाहुबली' बम, अमेरिकी MK-84 को देंगे टक्कर
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भारतीय वायुसेना के लिए 1,000 किलोग्राम क्षमता वाले स्वदेशी बम के विकास की प्रक्रिया शुरू की गई है, जो अमेरिका के MK-84 बम के समान होगा। यह परियोजना आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है और इसमें 50% सामग्री भारत में निर्मित की जाएगी।
- 01भारतीय वायुसेना के लिए स्वदेशी 1,000 किलोग्राम बम का विकास शुरू हुआ।
- 02यह बम अमेरिका के MK-84 बम के समान होगा।
- 0350% सामग्री भारत में निर्मित होगी, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
- 04परियोजना में दो चरण होंगे, पहले चरण में बम का डिजाइन और विकास होगा।
- 05भारतीय वायुसेना लगभग 600 ऐसे बम खरीदने की योजना बना रही है।
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भारतीय रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 1,000 किलोग्राम क्षमता वाले स्वदेशी बम के विकास की प्रक्रिया शुरू की है, जिसे 'बाहुबली' नाम दिया गया है। यह बम अमेरिका के MK-84 बम के समकक्ष होगा और इसे पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत, रक्षा मंत्रालय ने कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं और यह 'मेक-II' श्रेणी के तहत शुरू की गई है, जिसमें कम से कम 50% सामग्री भारत में निर्मित होगी। पहले चरण में बम का डिजाइन और विकास होगा, जिसमें छह प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे। दूसरे चरण में भारतीय वायुसेना लगभग 600 ऐसे बम खरीदने की योजना बना रही है, जिससे देश की रक्षा क्षमता में वृद्धि होगी। यह बम विभिन्न प्रकार के फाइटर जेट विमानों से उपयोग किया जा सकेगा और इसमें उच्च विस्फोटक क्षमता होगी। परीक्षण के बाद, इसे विभिन्न विमानों से गिराकर इसकी क्षमता की जांच की जाएगी। इस परियोजना का पूरा होना भारत की रक्षा तकनीक को मजबूत करेगा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
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इस परियोजना से भारत की रक्षा क्षमता में वृद्धि होगी और विदेशी निर्भरता कम होगी।
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