ईरान-अमेरिका तनाव: ट्रंप का अल्टीमेटम और संभावित वैश्विक परिणाम
ना पाषाण युग का खौफ, ना नरक बनने का डर, ट्रंप का फाइनल अल्टीमेटम भी बेअसर, अब कहां जाएगी जंग
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकता है। ईरान ने इसके खिलाफ प्रतिक्रिया दी है, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ सकता है।
- 01ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
- 02ईरान ने चेतावनी दी है कि वह पीछे नहीं हटेगा।
- 03अमेरिका के हमले की स्थिति में ईरान अपने सहयोगियों के जरिए जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
- 04रूस और चीन ईरान को सहयोग देने की संभावना है।
- 05लंबे युद्ध की स्थिति में अमेरिका की शक्ति कमजोर हो सकती है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ढांचे और पावर ग्रिड्स पर हमला कर सकता है। ईरान ने इस चेतावनी का जवाब देते हुए कहा है कि वह पीछे नहीं हटेगा। अगर अमेरिका हमला करता है, तो ईरान अपने सहयोगियों जैसे हिजबुल्लाह और हूतियों का सहारा लेकर इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज कर सकता है। इससे यह संकट केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रंप के इस सख्त रुख के खिलाफ चीन और रूस का कूटनीतिक सहयोग ईरान को मिल सकता है, जिससे वैश्विक ध्रुवीकरण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो इससे अमेरिका की वैश्विक शक्ति कमजोर हो सकती है और ईरान को अन्य देशों का सहयोग भी मिल सकता है।
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यदि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध होता है, तो यह वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है और वैश्विक मंदी का खतरा पैदा कर सकता है।
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