रजिस्ट्री पर रोक: अधिवक्ताओं ने प्रशासन से छूट की मांग की
Rampur News: रजिस्ट्री पर रोक पर वकीलों ने उठाए सवाल, छूट की मांग
Amar Ujala
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टांडा, उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित बाईपास और हाईवे निर्माण के कारण कई गांवों की जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लग गई है। अधिवक्ताओं और स्टाम्प विक्रेताओं ने प्रशासन से इस रोक को आंशिक रूप से हटाने की मांग की है, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके।
- 01बाईपास और हाईवे निर्माण के कारण रजिस्ट्री पर रोक लगी है।
- 02अधिवक्ताओं और स्टाम्प विक्रेताओं की आय प्रभावित हो रही है।
- 03ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।
- 04अधिवक्ताओं ने प्रशासन से आंशिक छूट की मांग की है।
- 05रजिस्ट्री बंद होने से सरकारी राजस्व पर भी असर पड़ रहा है।
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टांडा, उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित बाईपास और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के कारण कई गांवों की जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लग गई है। यह स्थिति आम लोगों के साथ-साथ अधिवक्ताओं और स्टाम्प विक्रेताओं के लिए गंभीर समस्या बन गई है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन देकर इस रोक को आंशिक रूप से हटाने की मांग की है। एनएचआई द्वारा 17 और पीडब्ल्यूडी द्वारा 6 ग्रामों की रजिस्ट्री बंद कराई गई है, जिससे जमीन की खरीद-फरोख्त ठप हो गई है। इस रोक का असर सीधे तौर पर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। जिन लोगों को शादी, इलाज या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए जमीन बेचनी थी, उनके काम अटक गए हैं। किसानों का कहना है कि समय पर धनराशि न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो उनके सामने आर्थिक संकट और गहरा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि केवल प्रस्तावित निर्माण कार्य में आने वाली भूमि को चिन्हित कर उसी पर रोक लगाई जाए, ताकि अन्य जमीनों की रजिस्ट्री तुरंत शुरू हो सके।
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रजिस्ट्री पर रोक से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।
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