डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी पर धार्मिक समूहों की कड़ी प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप ने उड़ाया इस्लाम का मजाक, धार्मिक शब्दों को बना रहे हथियार; किसके निशाने पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में अल्लाह का जिक्र किया, जिससे नागरिक अधिकार समूह 'काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशन्स' ने उनकी कड़ी आलोचना की। ट्रंप की भाषा पर कई अमेरिकी नेताओं ने भी नाराजगी जताई है।
- 01सीएआईआर ने ट्रंप की धमकी को लापरवाह और खतरनाक बताया।
- 02ट्रंप ने ईरान के खिलाफ हमले की धमकी में अल्लाह का जिक्र किया।
- 03रिपब्लिकन नेता मार्जोरी टेलर ग्रीन ने ट्रंप के बयानों की आलोचना की।
- 04डेमोक्रेटिक नेता टिम केन ने ट्रंप की बयानबाजी को शर्मनाक कहा।
- 05ट्रंप की भाषा ने अमेरिकी राजनीति में विवाद पैदा किया।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर एक पोस्ट में कहा कि यदि ईरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग, होर्मुज स्ट्रेट, को समुद्री यातायात के लिए नहीं खोला, तो उसे ‘नर्क में धकेल दिया जाएगा’। ट्रंप ने इस धमकी के संदर्भ में ‘अल्लाह से दुआ करो’ कहकर अल्लाह का जिक्र किया। इस पर नागरिक अधिकार समूह काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशन्स (सीएआईआर) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, इसे इस्लाम का उपहास और धार्मिक शब्दों का हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास बताया। कई अमेरिकी नेताओं ने भी ट्रंप की भाषा की आलोचना की है। रिपब्लिकन पार्टी की नेता मार्जोरी टेलर ग्रीन ने ट्रंप के बयानों को पागलपन करार दिया, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता टिम केन ने इसे शर्मनाक बताया। इस प्रकार, ट्रंप की इस बयानबाजी ने अमेरिकी राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
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ट्रंप के बयानों ने अमेरिका में धार्मिक और राजनीतिक विवाद को बढ़ा दिया है, जिससे विभिन्न समुदायों में तनाव उत्पन्न हो सकता है।
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