ईसीएचएस घोटाले में ट्राइसिटी के अस्पतालों और डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज
ईसीएचएस घोटाला: ट्राइसिटी के कई निजी अस्पतालों-डॉक्टरों पर एफआईआर, ईसीएचएस अधिकारी भी नामजद
Amar Ujala
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केंद्र सरकार की एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) में लगभग 100 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने ट्राइसिटी, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के कई निजी अस्पतालों और डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में फर्जी बिलिंग और मरीजों को गलत तरीके से भर्ती दिखाने का खुलासा हुआ है।
- 01ईसीएचएस में 100 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है।
- 02सीबीआई ने ट्राइसिटी के कई निजी अस्पतालों और डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज की है।
- 03जांच में फर्जी बिलिंग और नकली लैब रिपोर्ट का खुलासा हुआ है।
- 04घोटाले में शामिल अस्पतालों और डॉक्टरों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
- 05सीबीआई ने छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
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केंद्र सरकार की एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) में लगभग 100 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ट्राइसिटी क्षेत्र, जिसमें चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा शामिल हैं, के कई निजी अस्पतालों और डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच में फर्जी बिलिंग, नकली लैब रिपोर्ट और मरीजों को गलत तरीके से भर्ती दिखाने के मामले सामने आए हैं। सीबीआई ने हाल ही में नौ निजी अस्पतालों और संबंधित डॉक्टरों के ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए। इस घोटाले में शामिल डॉक्टरों और अस्पताल संचालकों के बीच रकम का बंटवारा होने का भी संकेत मिला है। सीबीआई अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और जल्द ही गिरफ्तारियों की संभावना भी जताई जा रही है।
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इस घोटाले से प्रभावित होने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं में धोखाधड़ी का सामना करना पड़ सकता है।
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