झारखंड हाई कोर्ट ने ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए
सिर्फ छोटे प्यादे नहीं, बड़े तस्करों और किंगपिन पर कसें शिकंजा: ड्रग्स कारोबार पर झारखंड हाई कोर्ट सख्त
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झारखंड हाई कोर्ट ने नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, जिसमें चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। एनसीबी और सीआइडी को मिलकर तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है।
- 01हाई कोर्ट ने नशे के कारोबार के खिलाफ ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
- 02एनसीबी, सीआइडी और झारखंड पुलिस को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
- 03बाहरी राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
- 04स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान को तेज करने का आदेश दिया गया है।
- 05अवैध कारोबार के असली सरगनाओं की गिरफ्तारी पर जोर दिया गया है।
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झारखंड हाई कोर्ट ने नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कदम उठाए जाएं। अदालत ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), सीआइडी और झारखंड पुलिस को मिलकर तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए काम करने की हिदायत दी। कोर्ट ने कहा कि छोटे मामलों से काम नहीं चलेगा और वित्तीय स्रोतों की गहन जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही, अवैध कारोबार के असली सरगनाओं की गिरफ्तारी पर भी जोर दिया गया। अदालत ने स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान को तेज करने की आवश्यकता बताई, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाया जा सके।
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यह निर्णय झारखंड में नशीले पदार्थों के कारोबार को नियंत्रित करने में मदद करेगा और युवाओं को नशे की लत से बचाने के प्रयासों को मजबूत करेगा।
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