रियल एस्टेट सेक्टर में चौथी तिमाही का प्रदर्शन मिला-जुला, बिक्री में गिरावट की संभावना
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए मिलीजुली रही चौथी तिमाही, प्रोजेक्ट लॉन्चिंग में देरी से बिक्री पर पड़ा असर
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वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर्स की प्री-सेल्स में गिरावट की संभावना है, जिसका कारण परियोजनाओं की लॉन्चिंग में देरी और कमजोर बाजार मनोबल है। प्रमुख शहरों में बिक्री में नरमी देखी जा सकती है।
- 01वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में प्री-सेल्स का प्रदर्शन मिलाजुला रहने का अनुमान है।
- 02परियोजनाओं की लॉन्चिंग में देरी और कमजोर मनोबल बिक्री पर असर डाल सकते हैं।
- 03नोमुरा के विश्लेषकों के अनुसार, कुछ डेवलपर्स में प्री-सेल्स में वृद्धि की संभावना है।
- 04प्रीमियम मकानों की मांग में मजबूती बनी हुई है।
- 05डीएलएफ, लोढ़ा और ओबेरॉय रियल्टी जैसे प्रमुख डेवलपर्स ने नई परियोजनाएं लॉन्च की हैं।
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वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में प्रमुख सूचीबद्ध रियल एस्टेट डेवलपर्स की प्री-सेल्स का प्रदर्शन मिलाजुला रहने की उम्मीद है। एम्बिट कैपिटल के विश्लेषक करण खन्ना के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर बाजार मनोबल के कारण बिक्री में कमी आ सकती है। नोमुरा के विश्लेषकों का मानना है कि लोढ़ा डेवलपर्स, डीएलएफ और ओबेरॉय रियल्टी जैसे डेवलपर्स में पिछले वर्ष के निम्न आधार के कारण प्री-सेल्स में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, गोदरेज प्रॉपर्टीज और प्रेस्टीज एस्टेट्स में गिरावट की संभावना है। एनारॉक ग्रुप के उपाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि तिमाही आधार पर पिछले तिमाही की तुलना में लगभग 6 से 8 प्रतिशत की गिरावट हो सकती है। प्रमुख डेवलपर्स की प्री-सेल्स, जैसे कि डीएलएफ की अल्ट्रा-लक्जरी परियोजना डहलियास और लोढ़ा की नई परियोजनाएं, बाजार में मजबूती बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।
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अगर प्री-सेल्स में गिरावट आती है, तो यह रियल एस्टेट बाजार में मंदी का संकेत हो सकता है, जिससे घर खरीदारों की खरीदारी की प्रवृत्ति प्रभावित होगी।
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