सुप्रीम कोर्ट ने पियाजियो का औद्योगिक भूखंड पट्टा रद किया, 30 दिनों में खाली करने का आदेश
पियाजियो के औद्योगिक भूखंड का पट्टा रद, 30 दिनों में जमीन खाली करने का फैसला बरकरार
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सुप्रीम कोर्ट ने पियाजियो व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित औद्योगिक भूखंड का पट्टा रद कर दिया है। कंपनी को 30 दिनों में भूमि खाली करने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि वह पट्टे की शर्तों का पालन करने में विफल रही। कोर्ट ने कंपनी द्वारा जमा की गई राशि ब्याज सहित वापस करने का आदेश भी दिया।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने पियाजियो का औद्योगिक भूखंड पट्टा रद किया।
- 02कंपनी को 30 दिनों में भूमि खाली करने का निर्देश दिया गया है।
- 03पियाजियो ने वर्षों तक पट्टे की शर्तों का पालन नहीं किया।
- 04कोर्ट ने कंपनी की विस्तार की मांग को खारिज कर दिया।
- 05कंपनी को जमा की गई राशि ब्याज सहित वापस की जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में पियाजियो व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित औद्योगिक भूखंड के पट्टे को रद करने का निर्णय बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि कंपनी ने वर्षों तक पट्टे की शर्तों का पालन नहीं किया और 30 दिनों के भीतर भूखंड को खाली करने का निर्देश दिया। यह भूखंड ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में स्थित 33 एकड़ का है, जो कंपनी को विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए आवंटित किया गया था। कोर्ट ने पाया कि 2002 में कब्जा मिलने के बावजूद, पियाजियो ने निर्धारित समय में निर्माण कार्य या औद्योगिक उत्पादन शुरू नहीं किया। कंपनी द्वारा समय विस्तार की मांग को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया। इस निर्णय के तहत, कंपनी को पहले जमा की गई 10.95 करोड़ रुपये की राशि ब्याज सहित वापस की जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक भूमि का आवंटन आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए किया जाता है, और लापरवाह आचरण करने वालों के लिए समानता का सिद्धांत लागू नहीं होता।
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इस निर्णय से ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक विकास पर प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि पियाजियो की लापरवाही से भूमि का उचित उपयोग नहीं हो सका।
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