सूअर के स्पर्म से आंखों के कैंसर का संभावित इलाज खोजा गया
सूअर के स्पर्म की क्यों हो रही चर्चा, इस काम में इस्तेमाल कर रहे डॉक्टर्स
Aaj Tak
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शोधकर्ताओं ने सूअर के स्पर्म का उपयोग कर आंखों के कैंसर, विशेषकर रेटिनोब्लास्टोमा, के इलाज के लिए एक नई विधि विकसित की है। यह विधि पारंपरिक उपचारों की तुलना में सुरक्षित और प्रभावी हो सकती है। अभी इसे चूहों पर परीक्षण किया गया है और मानव परीक्षण की योजना है।
- 01सूअर के स्पर्म से आंखों के कैंसर का इलाज खोजा गया है।
- 02रेटिनोब्लास्टोमा, जो बच्चों को प्रभावित करता है, के लिए यह विधि प्रभावी हो सकती है।
- 03पारंपरिक उपचारों की तुलना में यह विधि कम दर्दनाक है।
- 04शोधकर्ताओं ने एक्सोसोम का उपयोग कर एक आई ड्रॉप विकसित किया है।
- 05अभी यह विधि चूहों पर परीक्षण की गई है, मानव परीक्षण की योजना है।
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हाल ही में, सूअर के स्पर्म का उपयोग कर आंखों के कैंसर, विशेषकर रेटिनोब्लास्टोमा, के इलाज के लिए एक नई विधि विकसित की गई है। यह कैंसर का एक खतरनाक रूप है जो अक्सर शिशुओं और छोटे बच्चों को प्रभावित करता है। पारंपरिक उपचार जैसे कि कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी अक्सर दर्दनाक होते हैं और दृष्टि हानि का कारण बन सकते हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, एक अध्ययन में पाया गया कि सूअर के सीमेन में मौजूद एक्सोसोम, जो छोटे वेसिकल होते हैं, विशेष प्रोटीन की मदद से जैविक बाधाओं को पार कर सकते हैं। शोधकर्ताओं ने इन एक्सोसोम को फोलिक एसिड और नैनोजाइम प्रणाली के साथ मिलाकर एक आई ड्रॉप तैयार किया है, जो ट्यूमर कोशिकाओं को लक्षित करता है। इस विधि का परीक्षण चूहों पर किया गया है और शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि मानव परीक्षण जल्द ही शुरू होगा।
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यदि यह विधि सफल होती है, तो यह बच्चों में आंखों के कैंसर के इलाज के लिए एक नई और सुरक्षित विकल्प प्रदान कर सकती है।
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