सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर लगाया ₹25,000 का जुर्माना, कहा 'सबसे बड़ा मुकदमेबाज'
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बताया सबसे बड़ा मुकदमेबाज, ठोका ₹25,000 जुर्माना
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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए केंद्र सरकार पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने केंद्र को 'सबसे बड़ा मुकदमेबाज' बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में नहीं लाना चाहिए।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया।
- 02केंद्र ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।
- 03जस्टिस बीवी नागरत्ना ने केंद्र को 'सबसे बड़ा मुकदमेबाज' कहा।
- 04सीआईएसएफ कॉन्स्टेबल की बर्खास्तगी का मामला था।
- 05हाई कोर्ट ने कॉन्स्टेबल की बहाली का आदेश दिया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया, जब उसने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी। हाई कोर्ट ने एक सीआईएसएफ कॉन्स्टेबल की बर्खास्तगी को समाप्त करते हुए उसका 25% वेतन वापस करने का आदेश दिया था। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह 'सबसे बड़ा मुकदमेबाज' है, जिससे अदालतों में कई मामले लंबित हैं। जस्टिस नागरत्ना ने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों में लीगल ओपिनियन लेना चाहिए। सीआईएसएफ कॉन्स्टेबल पर आरोप था कि वह 11 दिनों तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहा और एक महिला के साथ शादी में शामिल हुआ। हालांकि, हाई कोर्ट ने उसकी बहाली का आदेश दिया, जिसे केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
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यह निर्णय सरकारी विभागों में अनुशासन और कानूनी प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करने को प्रेरित कर सकता है।
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