भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि 14 महीने के निचले स्तर पर, पश्चिम एशिया संकट का असर
सेवा क्षेत्र की रफ्तार पर लगा ब्रेक! 14 महीने के निचले स्तर पर आई ग्रोथ, पश्चिम एशिया संकट का बढ़ा असर
Business Standard
Image: Business Standard
भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि मार्च में 57.5 पर आ गई, जो पिछले 14 महीनों में सबसे कम है। यह गिरावट आउटपुट और बिक्री में कमी के साथ-साथ पश्चिम एशिया संकट के कारण हुई है। एचएसबीसी के अनुसार, नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि जारी है, लेकिन उत्पादन सीमित है।
- 01सेवा क्षेत्र की वृद्धि मार्च में 57.5 पर आ गई, जो 14 महीने का निचला स्तर है।
- 02पश्चिम एशिया संकट के कारण लागत मूल्य में वृद्धि हुई है।
- 03नए निर्यात ऑर्डर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।
- 04सेवा अर्थव्यवस्था के अधिकांश क्षेत्रों में बिक्री वृद्धि धीमी पड़ी है।
- 05मार्च में नए कारोबार में वृद्धि का दायरा लगातार दूसरे महीने सुस्त रहा।
Advertisement
In-Article Ad
भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि मार्च में 57.5 पर आ गई, जो पिछले 14 महीनों में सबसे कम स्तर है। एसऐंडपी ग्लोबल के आंकड़ों के अनुसार, यह गिरावट आउटपुट और बिक्री में कमी के साथ-साथ पश्चिम एशिया संकट के कारण लागत मूल्य में वृद्धि के चलते हुई है। एचएसबीसी इंडिया सर्विस पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) फरवरी के 58.1 से घटकर मार्च में 57.5 रह गया। यह आंकड़ा जनवरी 2025 के 56.5 के बाद से नए कारोबार एवं गतिविधियों में सबसे धीमी वृद्धि को दर्शाता है। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने बताया कि भारत का सेवा क्षेत्र मार्च में भी विस्तार के दायरे में रहा, लेकिन वृद्धि का दायरा लगातार दूसरे महीने सुस्त रहा। नए निर्यात ऑर्डर के कारण मांग मजबूत रही, जो 2024 के बाद सबसे तेज़ी से बढ़ी। हालांकि, सेवा अर्थव्यवस्था के चार प्रमुख क्षेत्रों में से तीन में बिक्री वृद्धि धीमी पड़ गई है।
Advertisement
In-Article Ad
सेवा क्षेत्र की वृद्धि में कमी से व्यवसायों की बिक्री प्रभावित हो सकती है, जिससे रोजगार के अवसर भी सीमित हो सकते हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भारत के सेवा क्षेत्र में वृद्धि को बढ़ाने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




