असम चुनाव 2026: जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने AIUDF प्रमुख को भेजा नोटिस
AIMIM गठबंधन पर फंसे अजमल, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने थमाया नोटिस, 24 घंटे में सफाई जरूरी
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असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के बीच गठबंधन पर विवाद बढ़ गया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने AIUDF प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल को 24 घंटे में जवाब देने का नोटिस भेजा है।
- 01जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मौलाना बदरुद्दीन अजमल को नोटिस भेजा है।
- 02नोटिस में 24 घंटे में जवाब देने की मांग की गई है।
- 03गठबंधन को जमीयत के सिद्धांतों के खिलाफ माना गया है।
- 04मौलाना अजमल 2010 से जमीयत उलेमा-ए-हिंद (असम) के अध्यक्ष हैं।
- 05AIUDF ने AIMIM के साथ चुनावी गठबंधन किया है।
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असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के बीच गठबंधन की चर्चाएं विवाद का कारण बन गई हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने AIUDF के प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल कासमी को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। यह नोटिस उनके द्वारा एक सांप्रदायिक दल के साथ कथित गठबंधन और समर्थन के संबंध में है। जमीयत ने स्पष्ट किया है कि उसके सिद्धांतों के अनुसार, उसके सदस्यों को सांप्रदायिक दलों के साथ संबंध नहीं रखना चाहिए। मौलाना अजमल, जो 2010 से जमीयत उलेमा-ए-हिंद (असम) के अध्यक्ष हैं, ने AIUDF के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
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इस विवाद का असर असम के मुस्लिम समुदाय पर पड़ेगा, जो चुनावी रणनीतियों और गठबंधनों को लेकर चिंतित हैं।
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