नए वित्तीय सत्र में फार्म 121 से टीडीएस कटौती से बचने का मौका
Maharajganj News: ब्याज, डिविडेंड या दूसरी आय पर टीडीएस कटौती नहीं चाहते तो भरें फार्म 121
Amar Ujala
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भारत में नए वित्तीय सत्र की शुरुआत के साथ, इनकम टैक्स अधिनियम 2025 के तहत फार्म 121 लागू किया गया है। यह फार्म ब्याज, डिविडेंड या अन्य आय पर टीडीएस कटौती से बचने के लिए आवश्यक है। डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए यह बदलाव किया गया है।
- 01फार्म 121 अब टीडीएस कटौती से बचने के लिए आवश्यक है।
- 02इनकम टैक्स अधिनियम 2025 के तहत नए प्रावधान लागू हुए हैं।
- 03डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए यह बदलाव किया गया है।
- 04गिफ्ट और बाउचर पर टैक्स छूट सीमा बढ़कर ₹15,000 हुई।
- 05टैक्स की अंतिम तारीखें विभिन्न करदाताओं के लिए निर्धारित की गई हैं।
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भारत में नए वित्तीय सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से हो चुकी है, जिसमें इनकम टैक्स अधिनियम 2025 के तहत नए प्रावधान लागू किए गए हैं। अब ब्याज, डिविडेंड या अन्य आय पर टीडीएस कटौती से बचने के लिए केवल फार्म 121 का उपयोग करना होगा। कोषाधिकारी राजकुमार गुप्ता के अनुसार, यह फार्म अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए आवश्यक नहीं है, जिससे प्रक्रिया सरल हो गई है। इसके अलावा, एक वैध पैन कार्ड भी अनिवार्य होगा। नए प्रावधानों के तहत गिफ्ट और बाउचर पर टैक्स छूट सीमा को बढ़ाकर ₹15,000 कर दिया गया है। नौकरी पेशा के लिए टैक्स की अंतिम तिथि 31 जुलाई है, जबकि अन्य करदाताओं के लिए यह 31 अगस्त निर्धारित की गई है। यह सभी बदलाव डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और आयकर विभाग द्वारा डेटा ट्रैकिंग को आसान बनाने के लिए किए गए हैं।
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नए प्रावधानों से करदाताओं को टीडीएस कटौती से बचने का एक सरल तरीका मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सकती है।
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