महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में असफल, राहुल गांधी ने इसे संविधान पर आक्रमण बताया
महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में गिरा, राहुल गांधी बोले- आपने पीएम का चेहरा देखा
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका, जिसमें 298 वोट पक्ष में और 230 वोट विरोध में पड़े। राहुल गांधी ने इसे संविधान पर आक्रमण बताया और कहा कि सरकार को महिला आरक्षण लागू करने के लिए 2023 का बिल लाना चाहिए।
- 01महिला आरक्षण विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी।
- 02विधेयक पर कुल 528 सांसद मौजूद थे, जिनमें से 298 ने पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट दिया।
- 03राहुल गांधी ने इसे संविधान पर आक्रमण बताया और कहा कि विपक्ष इसका विरोध करेगा।
- 04प्रियंका गांधी ने इसे लोकतंत्र और देश की अखंडता के लिए बड़ी जीत बताया।
- 05सरकार को अब 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' आगे नहीं बढ़ा सकने की स्थिति में है।
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नई दिल्ली में शुक्रवार को महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक, जिसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने का प्रस्ताव था, लोकसभा में पारित नहीं हो सका। इस विधेयक पर हुए मतदान में 298 सांसदों ने पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट दिया, जबकि पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि विधेयक को आवश्यक बहुमत नहीं मिला। राहुल गांधी ने इसे संविधान पर आक्रमण बताते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण जीत है। उन्होंने सरकार से 2023 का महिला आरक्षण बिल लाने की अपील की, जिसमें विपक्ष समर्थन देने के लिए तैयार है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे लोकतंत्र और देश की अखंडता के लिए महत्वपूर्ण बताया। अब, इस विधेयक के असफल होने के कारण 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी आगे नहीं बढ़ाया जा सकेगा।
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महिला आरक्षण विधेयक का असफल होना महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को प्रभावित करेगा।
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