हरियाणा में जल संकट से निपटने के लिए नई नीतियां लागू
हरियाणा के 1700 गांवों में गहराया जल संकट, प्रबंधन के लिए सरकार ने नीति में किया बदलाव; अब हर घर में नल पर लगेंगे मीटर
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हरियाणा के 1700 गांवों में जल संकट को देखते हुए, राज्य सरकार ने नल कनेक्शन पर मीटर लगाने का निर्णय लिया है। यह नीति पानी की बर्बादी रोकने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। नई व्यवस्था के तहत, परिवारों को उनकी पानी की खपत के अनुसार बिल भरना होगा।
- 01हरियाणा के 1700 गांवों में जल संकट गहराया है।
- 02हर घर में नल कनेक्शन पर मीटर लगाने का निर्णय लिया गया है।
- 03जलापूर्ति में सुधार के लिए 14 साल पुरानी नीति में बदलाव किया गया है।
- 04ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां पीपीपी मॉडल पर काम करेंगी।
- 05446 जलघरों को कंक्रीट में बदला जाएगा ताकि प्रदूषण रोका जा सके।
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हरियाणा में जल संकट के कारण 14 जिलों के 1700 गांवों में पानी की बर्बादी को रोकने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने नई नीति लागू की है। अब हर घर में नल कनेक्शन पर मीटर लगाया जाएगा, जिससे परिवारों को उनकी खपत के अनुसार बिल भरना होगा। यदि कोई मीटर को जानबूझकर खराब करता है, तो उसे न केवल जुर्माना देना होगा, बल्कि नए मीटर की लागत भी चुकानी होगी। यह नीति 14 साल पुरानी है और इसे जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा अधिसूचित किया गया है। इसके तहत, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां बनाई जाएंगी, जो जल आपूर्ति, जल निकासी व्यवस्था, और पाइपलाइन में खराबी की मरम्मत का कार्य करेंगी। इसके अलावा, 446 जलघरों को कंक्रीट में बदलने का निर्णय लिया गया है ताकि पेयजल प्रदूषण को रोका जा सके।
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यह नीति जल संकट को कम करने और पानी की बर्बादी रोकने में मदद करेगी, जिससे ग्रामीणों को बेहतर जल आपूर्ति मिलेगी।
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