पटना में जलनिकासी के लिए विशेष टीमें गठित, मानसून तैयारी तेज
सुगम जलनिकासी के लिए पटना जिला प्रशासन अलर्ट, नालों की उड़ाही की जांच को 7 विशेष टीमें गठित
Jagran
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पटना, बिहार में जलनिकासी की व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने सात विशेष टीमों का गठन किया है। यह टीमें नालों की उड़ाही और अतिक्रमण की जांच करेंगी। डीएम ने जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया है।
- 01पटना में जलनिकासी के लिए सात विशेष टीमें गठित की गई हैं।
- 02डीएम ने जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए सभी अधिकारियों को सजग रहने का निर्देश दिया।
- 03नालों की सफाई और उड़ाही की नियमित मानिटरिंग की जाएगी।
- 04जलजमाव की सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- 05नगर निगम का नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
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पटना, बिहार में मानसून के मद्देनजर जलनिकासी की व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. त्यागराजन एसएम ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और जलनिकासी की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए सभी अधिकारी सजग और तत्पर रहें। इसके लिए नालों की सफाई और नियमित मानिटरिंग आवश्यक है। जलजमाव की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई के लिए 75 वार्डों को 19 जोन में बांटकर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की तैनाती की गई है। इसके अलावा, अतिक्रमण और उड़ाही की जांच के लिए सात विशेष टीमें गठित की गई हैं। नगर निगम का नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा, जिससे आमजन की शिकायतों का त्वरित निवारण किया जा सके।
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यह कदम पटना के निवासियों के लिए जलजमाव की समस्या को कम करने में मदद करेगा, जिससे मानसून के दौरान जनजीवन प्रभावित नहीं होगा।
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