बिहार में अमृत 2.0 योजना के तहत 2451 करोड़ रुपये से जल संकट का समाधान
बिहार में अमृत 2.0 की रफ्तार: 2451 करोड़ से बुझेगी शहरों की प्यास, 21 बड़ी परियोजनाओं पर काम शुरू
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बिहार, भारत में अमृत 2.0 योजना के तहत 21 जलापूर्ति परियोजनाओं पर 2451.39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिससे लाखों घरों को लाभ होगा।
- 01अमृत 2.0 योजना के तहत 21 जलापूर्ति परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
- 02कुल 2451.39 करोड़ रुपये का बजट इन परियोजनाओं के लिए निर्धारित किया गया है।
- 03जल शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और पुराने जलापूर्ति नेटवर्क को सुधारा जाएगा।
- 04नौ परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि नौ अन्य टेंडर प्रक्रिया में हैं।
- 05इस योजना से जल संकट में कमी और जलजनित बीमारियों में गिरावट की उम्मीद है।
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बिहार, भारत में केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए 2451.39 करोड़ रुपये की लागत से 21 जलापूर्ति परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत पुराने और जर्जर जलापूर्ति नेटवर्क को बदलने, लीकेज रोकने और वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वर्तमान में, नौ परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि नौ अन्य परियोजनाएं टेंडर प्रक्रिया में हैं। इन परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन से बिहार के शहरी क्षेत्रों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है, जिससे लोगों की जीवनशैली में सुधार होगा और जलजनित बीमारियों में कमी आएगी। अधिकारियों को कार्य में लापरवाही न बरतने और समय सीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया है।
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इस योजना से बिहार के शहरी क्षेत्रों में नियमित और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे लोगों की जीवनशैली में सुधार होगा।
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