उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में दो करोड़ मतदाताओं की कमी का अनुमान, चुनावों पर प्रभाव
UP SIR Voter List 2026: एसआइआर से घट सकते हैं लगभग 2 करोड़ मतदाता, चुनाव पर क्या पड़ेगा असर?
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उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के बाद, अंतिम मतदाता सूची में लगभग 13.35 करोड़ मतदाता होने का अनुमान है, जो 2025 की सूची से लगभग दो करोड़ कम है। यह कमी मृतक, स्थानांतरित और अप्रमाणित मतदाताओं के नाम हटाने के कारण हो रही है, जो आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति को प्रभावित कर सकती है।
- 01अंतिम मतदाता सूची में 13.35 करोड़ मतदाता होने का अनुमान
- 022025 की सूची की तुलना में लगभग 2 करोड़ मतदाता कम होंगे
- 03बड़ी संख्या में नाम कटने के पीछे मृतक और अप्रमाणित मतदाता हैं
- 04मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद प्रशासनिक तबादलों का रास्ता साफ होगा
- 05राजनीतिक दलों की चुनावी रणनीति पर सूची के बदलाव का प्रभाव
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उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के बाद, अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन शुक्रवार को किया जाएगा। इस बार लगभग 13.35 करोड़ मतदाता होने का अनुमान है, जो 2025 की सूची की तुलना में लगभग 2 करोड़ कम है। यह कमी मुख्य रूप से मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अप्रमाणित मतदाताओं के नाम हटाने के कारण हो रही है। ड्राफ्ट सूची में 12.55 करोड़ मतदाता रह गए थे, जिसमें से 2.89 करोड़ नाम हटाए गए थे। इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं के लिए 86.69 लाख फार्म-6 भी जमा किए गए हैं। अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में तेजी आएगी, क्योंकि यह सूची मतदान प्रक्रिया का आधार बनेगी। इसके साथ ही, प्रशासनिक स्तर पर तबादलों पर लगी रोक भी हट जाएगी, जिससे कई महत्वपूर्ण पदों पर फेरबदल संभव होगा।
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मतदाता सूची में बदलाव से चुनावी रणनीतियों में परिवर्तन आएगा और प्रशासनिक तबादलों का मार्ग प्रशस्त होगा।
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