पाकिस्तान-सऊदी अरब रक्षा समझौते का लीक: भारत के लिए संभावित खतरे
भारत ने अगर पाकिस्तान पर हमला किया तो क्या सऊदी अरब भेजेगा सेना? डिफेंस पैक्ट के लीक दस्तावेज से बड़ा खुलासा
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच लीक हुए रणनीतिक रक्षा समझौते से पता चलता है कि सऊदी अरब भारत-पाकिस्तान संघर्ष में सैन्य सहायता देने के लिए बाध्य नहीं है। हालांकि, आर्थिक सहायता के माध्यम से पाकिस्तान की मदद की जा सकती है, जिससे भारत के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है।
- 01लीक हुए दस्तावेज़ से पता चलता है कि सऊदी अरब भारत-पाकिस्तान संघर्ष में सैन्य सहायता देने के लिए बाध्य नहीं है।
- 02पाकिस्तान ने सऊदी अरब में F-16 लड़ाकू विमानों और सैनिकों को तैनात किया है।
- 03सऊदी अरब आर्थिक सहायता के माध्यम से पाकिस्तान की मदद कर सकता है।
- 04पाकिस्तान की सेना को सऊदी अरब की रक्षा के लिए भेजने की कोई बाध्यता नहीं है।
- 05भारत के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है यदि पाकिस्तान को आर्थिक सहायता मिलती है।
Advertisement
In-Article Ad
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच सितंबर 2022 में हुए रणनीतिक आपसी रक्षा समझौते (SMDA) के लीक दस्तावेज़ से कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई हैं। इस समझौते के अनुसार, यदि सऊदी अरब अनुरोध करता है, तो पाकिस्तान अपनी सेना भेजने के लिए बाध्य हो जाएगा, लेकिन सऊदी अरब को पाकिस्तान की रक्षा के लिए कोई स्पष्ट क्लॉज नहीं है। इसके परिणामस्वरूप, भारत के साथ युद्ध की स्थिति में सऊदी अरब पाकिस्तान को सैन्य सहायता देने के लिए बाध्य नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने पाकिस्तान को आर्थिक सहायता देने का विकल्प खुला रखा है, जिससे पाकिस्तान अपनी सेना के आधुनिकीकरण के लिए धन जुटा सकता है। यह भारत के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ा सकता है, खासकर जब पाकिस्तान ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष में फंस सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
यदि पाकिस्तान को सऊदी अरब से आर्थिक सहायता मिलती है, तो यह भारत के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ा सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सऊदी अरब को पाकिस्तान की सैन्य सहायता करनी चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




