दिल्ली हाई कोर्ट में केजरीवाल ने जज से खुद को अलग करने की मांग की
क्या जज को ‘कठघरे‘ में खड़ा कर पाए केजरीवाल? दोनों ओर से दिलचस्प दलीलें
Aaj Tak
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपने मामले की सुनवाई के दौरान जज स्वर्णकांता शर्मा से रिक्युजल की मांग की। उन्होंने जज के पक्षपाती होने की आशंका जताते हुए 10 कारण प्रस्तुत किए, जिस पर डेढ़ घंटे तक बहस हुई।
- 01केजरीवाल ने जज से रिक्युजल की मांग की, 10 कारण दिए।
- 02जज ने केजरीवाल को अपनी दलीलें पेश करने का अवसर दिया।
- 03केजरीवाल ने सीबीआई और ईडी की जांच पर सवाल उठाए।
- 04जज ने केजरीवाल की दलीलों को ध्यान से सुना।
- 05सुनवाई में राजनीतिक पक्षपात के संकेतों पर चर्चा हुई।
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दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में जज स्वर्णकांता शर्मा से रिक्युजल की मांग की। केजरीवाल ने जज के पक्षपाती होने की आशंका जताते हुए 10 कारण प्रस्तुत किए, जिसमें उन्होंने जज के चार बार एक विशेष विचारधारा के कार्यक्रमों में भाग लेने का उल्लेख किया। सुनवाई के दौरान, जज ने केजरीवाल को अपनी दलीलें पेश करने का अवसर दिया और कहा कि अदालत को केवल रिक्युजल पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस दौरान केजरीवाल ने सीबीआई और ईडी की जांच पर सवाल उठाए और कहा कि उनकी दलीलें रिकॉर्ड पर दर्ज की जाएंगी। जज ने अंत में केजरीवाल की दलीलों को सराहा और कहा कि उन्हें वकील होना चाहिए।
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इस सुनवाई का परिणाम दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य और सीबीआई की जांच पर असर डाल सकता है।
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