ओरेकल में छंटनी के बावजूद H-1B वर्कर्स की हायरिंग पर विवाद
ओरेकल में छंटनी के बीच H1B वर्कर्स की हायरिंग पर विवाद, जॉब देने पर उठे सवाल, भारतीयों के लिए इसके क्या मायने
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
ओरेकल, अमेरिका की एक प्रमुख कंपनी, ने हाल ही में लगभग 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है, जबकि H-1B वीजा पर विदेशी वर्कर्स की भर्ती जारी रखी है। यह स्थिति भारतीयों के लिए नौकरी के अवसरों को दर्शाती है, खासकर AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में।
- 01ओरेकल ने लगभग 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है।
- 02कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025 और 2026 में 3,126 H-1B वर्कर्स को नौकरी दी है।
- 03H-1B वीजा प्रोग्राम के तहत विदेशी वर्कर्स की भर्ती की जा रही है।
- 04भारतीयों के लिए H-1B वीजा पर नौकरी के अवसर बने रहेंगे।
- 05AI और क्लाउड कंप्यूटिंग में सबसे ज्यादा डिमांड है।
Advertisement
In-Article Ad
ओरेकल, अमेरिका की एक प्रमुख टेक कंपनी, ने हाल ही में 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है, जिसमें अमेरिका में भी हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इस छंटनी के बीच, कंपनी ने H-1B वीजा पर 3,126 विदेशी वर्कर्स को नौकरी देने की घोषणा की है। इस प्रक्रिया के तहत, ओरेकल ने 436 वर्कर्स के लिए 2026 में H-1B याचिकाएं दायर की हैं। इस पर लोगों ने नाराजगी जताई है, खासकर उन अमेरिकी कर्मचारियों के प्रति जो लंबे समय से कंपनी के साथ थे। हालांकि, यह स्थिति भारतीयों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि H-1B वीजा के माध्यम से उन्हें ओरेकल में नौकरी मिलने की संभावना बनी हुई है। वर्तमान में AI और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में इन वर्कर्स की डिमांड अधिक है, जो भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए एक अवसर प्रस्तुत करता है।
Advertisement
In-Article Ad
यह छंटनी और H-1B वीजा पर भर्ती भारतीय पेशेवरों के लिए नौकरी के अवसरों को दर्शाती है, जो अमेरिका में काम करने की योजना बना रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि कंपनियों को छंटनी के बाद H-1B वर्कर्स की भर्ती नहीं करनी चाहिए?
Connecting to poll...
More about Oracle
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





