अलीगढ़ में निषेधाज्ञा: 69 दिन से जारी, क्या यह प्रशासनिक रिवाज बन गया है?
Section 163: पिछली बार आधा साल पाबंदी में रहा अलीगढ़, अब 69 दिन से निषेधाज्ञा जारी
Amar Ujala
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अलीगढ़, उत्तर प्रदेश में निषेधाज्ञा अब एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बन गई है, जो हर बड़े त्योहार या संवेदनशील अवसर पर लागू होती है। पिछले दो वर्षों में, शहर में लगभग पांच महीने तक निषेधाज्ञा लागू रही है, और वर्तमान में यह 69 दिन से जारी है।
- 01अलीगढ़ में निषेधाज्ञा अब एक रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया बन गई है।
- 02पिछले दो वर्षों में, शहर में हर साल लगभग पांच महीने तक निषेधाज्ञा लागू रही है।
- 032025 में अलीगढ़ में लगभग आधा साल निषेधाज्ञा लागू रही थी।
- 04निषेधाज्ञा का उद्देश्य संभावित हिंसा और अशांति को रोकना है।
- 05इस साल 20 फरवरी से 30 अप्रैल तक निषेधाज्ञा जारी है।
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अलीगढ़, उत्तर प्रदेश में निषेधाज्ञा अब केवल कानून व्यवस्था का औजार नहीं रह गई है, बल्कि यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बन गई है। हर बड़े त्योहार, परीक्षा या संवेदनशील मौके पर यह धारा लागू होती है। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, अलीगढ़ में हर साल लगभग पांच महीने तक निषेधाज्ञा लागू रही है। 2025 में तो शहर में लगभग आधा साल (पांच महीने) तक पाबंदियां लगी रहीं। वर्तमान में, यह 69 दिन से जारी है, जो 20 फरवरी से 30 अप्रैल तक है। निषेधाज्ञा का उद्देश्य संभावित हिंसा, दंगा या अशांति को रोकना है, और इसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू किया जाता है। इसके तहत चार से अधिक लोगों का एकत्रित होना, बिना अनुमति धरना, जुलूस, प्रदर्शन करना, और हथियार लेकर चलना प्रतिबंधित है।
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निषेधाज्ञा के चलते अलीगढ़ में लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर इकट्ठा होने पर रोक का सामना करना पड़ रहा है, जिससे त्योहारों और आयोजनों पर असर पड़ सकता है।
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