मायावती ने ज्योतिबा फुले जयंती पर समाजवादी पार्टी पर किया हमला
बसपा प्रमुख मायावती ने ज्योतिबा फुले जयंती के बहाने समाजवादी पार्टी और PDA पर साधा निशाना
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बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर समाजवादी पार्टी और उसकी पीडीए रणनीति की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने जातिगत द्वेष के कारण फुले के नाम पर बने जिलों के नाम बदल दिए हैं, जिससे सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बाधा उत्पन्न हुई है।
- 01मायावती ने समाजवादी पार्टी पर जातिगत द्वेष का आरोप लगाया।
- 02उन्होंने ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
- 03बसपा ने फुले के नाम पर नए जिलों का निर्माण किया था, जिसे सपा ने बदल दिया।
- 04मायावती ने फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया।
- 05बसपा 2027 के चुनावों के लिए संगठनात्मक बैठकें कर रही है।
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बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी (सपा) और उसकी पीडीए रणनीति पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने जातिगत द्वेष के कारण महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों के नाम बदल दिए हैं। मायावती ने फुले को 'सामाजिक परिवर्तन के पितामह' के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि उनकी शिक्षा के माध्यम से नारी शक्ति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि बीएसपी सरकार ने फुले के नाम पर अमरोहा को नया जिला बनाया था, लेकिन सपा सरकार ने इसे बदल दिया। इसके अलावा, उन्होंने कासगंज, कानपुर देहात, संभल, शामली और हापुड़ के जिलों के नामों में बदलाव का भी जिक्र किया। मायावती ने इस स्थिति को सपा की संकीर्ण राजनीति का परिणाम बताया और कहा कि बीएसपी 2027 के चुनावों के लिए संगठनात्मक तैयारी कर रही है।
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मायावती के आरोपों से सपा की छवि पर असर पड़ सकता है, विशेषकर उन समुदायों में जो फुले के विचारों से प्रभावित हैं।
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