अल-अक्सा मस्जिद में तनाव: इजरायलियों की घुसपैठ और मुसलमानों की नाराजगी
अल-अक्सा मस्जिद में नमाज के बाद डांस, यहूदियों की 'टाइमिंग' पर मुसलमान नाराज
Aaj Tak
Image: Aaj Tak
इजरायली अधिकारियों ने 40 दिनों के बाद अल-अक्सा मस्जिद, जो पूर्वी यरुशलम में स्थित है, को खोला। इस दौरान 3,000 से अधिक फिलिस्तीनी मुसलमानों ने नमाज अदा की। हालाँकि, इजरायली धुर-दक्षिणपंथियों की मस्जिद में घुसपैठ और उनके नाचने से मुसलमान नाराज हैं, जो इसे तनाव बढ़ाने वाला मानते हैं।
- 01अल-अक्सा मस्जिद 40 दिनों के बाद खोली गई, जिससे मुसलमानों में खुशी है।
- 02इजरायली धुर-दक्षिणपंथियों ने मस्जिद परिसर में बिना इजाजत घुसपैठ की।
- 03मस्जिद में यहूदियों के समय को बढ़ाने पर मुसलमानों ने नाराजगी जताई।
- 04इजरायल का दावा है कि सुरक्षा कारणों से मस्जिद बंद की गई थी।
- 05अल-अक्सा मस्जिद का संचालन दशकों पुराने 'स्टेटस क्वो' समझौते के तहत होता है।
Advertisement
In-Article Ad
इजरायली अधिकारियों ने पूर्वी यरुशलम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद को 40 दिनों के बाद खोला, जो मुसलमानों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इस अवसर पर 3,000 से अधिक फिलिस्तीनी मुसलमानों ने सुबह की फज्र की नमाज अदा की। हालाँकि, मस्जिद के खुलने के बाद इजरायली धुर-दक्षिणपंथियों ने परिसर में घुसपैठ की और नाचते हुए दिखाई दिए, जिससे मुसलमानों में नाराजगी फैल गई। यरुशलम गवर्नरेट ने इस स्थिति को खतरनाक बताया है। इजरायल का तर्क है कि सुरक्षा कारणों से मस्जिद को बंद किया गया था, लेकिन फिलिस्तीनियों ने इसे एक बहाने के रूप में देखा है। अल-अक्सा मस्जिद का संचालन दशकों पुराने 'स्टेटस क्वो' समझौते के तहत होता है, जो मुस्लिम प्राधिकरणों को प्रवेश और इबादत का अधिकार देता है। हालाँकि, इजरायल पर इस व्यवस्था के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
इस घटनाक्रम से यरुशलम में धार्मिक तनाव बढ़ सकता है, जो मुसलमानों और यहूदियों के बीच संघर्ष को बढ़ावा दे सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि इजरायल को अल-अक्सा मस्जिद के प्रबंधन में बदलाव करना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


-1775756748503.webp)
