दिल्ली में टीओडी नीति पर आरडब्ल्यूए की चिंताएं: भीड़भाड़ और प्रदूषण का खतरा
टीओडी नीति से दिल्लीवासियों में चिंता: मेट्रो के आसपास बढ़ेगी भीड़भाड़ और जाम, RWA ने जताई आपत्ति
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Image: Jagran
दिल्ली में केंद्र की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। आरडब्ल्यूए ने इस नीति पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे भीड़भाड़, जाम और वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ेगी।
- 01आरडब्ल्यूए ने टीओडी नीति के खिलाफ चिंता व्यक्त की है।
- 02नई नीति के तहत मेट्रो स्टेशनों के आसपास विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
- 03भीड़भाड़ और जाम की समस्या और बढ़ने की संभावना है।
- 04अधिकतर क्षेत्र ग्रेटर कैलाश जैसे इलाकों में आएंगे।
- 05मास्टर प्लान 2021 और 2041 की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं।
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दिल्ली में केंद्र सरकार की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति को लेकर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (आरडब्ल्यूए) ने चिंता जताई है। इस नीति के तहत मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में सघन और मिश्रित उपयोग वाले विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे लगभग 207 वर्ग किमी का क्षेत्र प्रभावित होगा। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों का कहना है कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास पहले से ही जाम और भीड़भाड़ की समस्या है, और नई नीति से यह और बढ़ेगी। ग्रेटर कैलाश जैसे इलाकों में 80 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र इस नीति के दायरे में आएगा, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या भी गंभीर हो सकती है। आरडब्ल्यूए के महासचिव सौरभ गांधी ने कहा कि यह नीति चिंताजनक है, खासकर तब जब मास्टर प्लान 2021 अभी तक पूरी तरह से लागू नहीं हो सका है।
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नई टीओडी नीति से दिल्लीवासियों को जाम और प्रदूषण की बढ़ती समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
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