भूटान: जहां नहीं हैं ट्रैफिक लाइट्स और ना ही जाम
न कोई हॉर्न, न कोई जाम; ऐसा देश जहां नहीं है एक भी ट्रैफिक लाइट
Aaj Tak
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भूटान, एक ऐसा देश है जहां एक भी ट्रैफिक लाइट नहीं है और वहां ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होती। वहां की सड़क संस्कृति में अनुशासन और सम्मान का महत्व है, जिससे लोग बिना शोर-शराबे के यात्रा करते हैं।
- 01भूटान में ट्रैफिक लाइट्स नहीं हैं, जो वहां की संस्कृति का हिस्सा है।
- 02ट्रैफिक पुलिस हाथों के इशारों से ट्रैफिक को नियंत्रित करती है।
- 03भूटान में सड़क पर गाड़ियों की संख्या कम और लोग अनुशासित हैं।
- 04हॉर्न का उपयोग बहुत कम होता है, जिससे शांति बनी रहती है।
- 05भूटान का उदाहरण अन्य देशों के लिए अनुशासन और धैर्य सिखाने वाला है।
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भूटान, एक ऐसा देश है जहां आज तक एक भी ट्रैफिक लाइट नहीं है। यहां की सड़क संस्कृति में लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और ट्रैफिक पुलिस हाथों के इशारों से ट्रैफिक को नियंत्रित करती है। 1995 में थिम्फू में ट्रैफिक लाइट लगाने का प्रयास किया गया था, लेकिन इसे लोगों ने पसंद नहीं किया और इसे हटा दिया गया। भूटान में गाड़ियों की संख्या कम है और लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होती। यहां हॉर्न का उपयोग भी बहुत कम होता है, जिससे शांति बनी रहती है। भूटान का यह मॉडल अन्य देशों के लिए एक सीख है कि सड़क पर धैर्य और सम्मान जरूरी है।
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भूटान की सड़क संस्कृति और ट्रैफिक प्रबंधन का तरीका अन्य देशों के लिए एक उदाहरण है, जिससे वे अपने ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार कर सकते हैं।
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