भारत का GPS जैमिंग परीक्षण: सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में कदम
भारत बंगाल की खाड़ी में करेगा GPS जैमिंग ट्रायल, नोटम जारी, पाकिस्तान ने कोलकाता पर हमला करने की दी थी धमकी
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत 11-12 अप्रैल को बंगाल की खाड़ी में ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) जैमिंग परीक्षण करेगा। यह परीक्षण पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा कोलकाता पर हमले की धमकी के बाद किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दुश्मन के नेविगेशन सिस्टम को बाधित करना है।
- 01भारत 11-12 अप्रैल को GNSS जैमिंग परीक्षण करेगा।
- 02परीक्षण का उद्देश्य दुश्मन के नेविगेशन सिस्टम को बाधित करना है।
- 03बंगाल की खाड़ी का चयन समुद्री सुरक्षा के लिए किया गया है।
- 04पाकिस्तान ने भारत को कोलकाता पर हमले की धमकी दी है।
- 05भारत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीकों में निवेश बढ़ा रहा है।
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भारत 11-12 अप्रैल को बंगाल की खाड़ी में दो दिवसीय ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) जैमिंग परीक्षण आयोजित करेगा। यह निर्णय पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा कोलकाता पर हमले की धमकी के बाद लिया गया है। परीक्षण का उद्देश्य दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन और अन्य नेविगेशन संचालित हथियारों के नेविगेशन सिस्टम को बाधित करना है। इस परीक्षण के दौरान सिग्नल व्यवधान की सीमा और जैमिंग सिस्टम की सटीकता की जांच की जाएगी। बंगाल की खाड़ी का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यह भारत के समुद्री सुरक्षा ढांचे के निकट है। हाल के वर्षों में GPS जैमिंग की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे भारत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीकों में निवेश बढ़ा रहा है।
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यह परीक्षण भारत की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा और संभावित दुश्मनों के खिलाफ रणनीतिक बढ़त प्रदान करेगा।
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