मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव खारिज, कार्यकाल सुरक्षित
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव संसद से खारिज, 193 MPs ने किए थे साइन
Aaj Tak
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 193 सांसदों द्वारा पेश किया गया महाभियोग प्रस्ताव संसद से खारिज कर दिया गया है। यह निर्णय संविधान और चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब उनका कार्यकाल सुरक्षित है और महाभियोग की कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
- 01193 सांसदों द्वारा पेश महाभियोग प्रस्ताव को खारिज किया गया।
- 02सभापति ने प्रस्ताव के सभी पहलुओं का निष्पक्ष मूल्यांकन किया।
- 03मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल अब सुरक्षित है।
- 04विपक्ष ने पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया था।
- 05महाभियोग की प्रक्रिया अब आगे नहीं बढ़ेगी।
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 193 सांसदों द्वारा पेश किया गया महाभियोग प्रस्ताव संसद से खारिज कर दिया गया है। राज्यसभा के सभापति ने प्रस्ताव के सभी पहलुओं का निष्पक्ष मूल्यांकन करने के बाद, न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 की धारा 3 के तहत इसे अस्वीकार कर दिया। इस निर्णय के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल सुरक्षित हो गया है और उनके खिलाफ महाभियोग की कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार, दुर्व्यवहार और चुनावी धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। विशेष रूप से बिहार और पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) अभियान को लेकर सवाल उठाए गए थे। विपक्ष का कहना था कि इस प्रक्रिया के कारण कई वोटरों का वोट देने का अधिकार छिन गया। इस निर्णय को संविधान और चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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इस निर्णय से चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्रता को मजबूती मिलेगी, जिससे मतदाता अधिकारों की रक्षा होगी।
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