भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए मगरमच्छ और सांप छोड़ने का प्रस्ताव
बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने को छोड़े जाएंगे मगरमच्छ और सांप, बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने मगरमच्छ और सांप छोड़ने का प्रस्ताव रखा है। यह योजना 4096 किलोमीटर लंबी सीमा के संवेदनशील नदियों वाले क्षेत्रों में लागू की जा सकती है, लेकिन इसकी व्यावहारिकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- 01बीएसएफ ने अवैध घुसपैठ रोकने के लिए मगरमच्छ और सांप छोड़ने का प्रस्ताव रखा है।
- 02यह योजना 4096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा के नदियों वाले क्षेत्रों में लागू हो सकती है।
- 03गृह मंत्रालय के अनुसार, सीमा का 856 किलोमीटर हिस्सा बिना बाड़ के है।
- 04स्थानीय कमांडरों ने योजना की व्यावहारिकता पर संदेह जताया है।
- 05अन्य तकनीकी निगरानी उपकरणों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है।
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ और सीमा पार अपराधों को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने एक असामान्य प्रस्ताव रखा है। इस योजना के तहत, बीएसएफ नदियों वाले संवेदनशील क्षेत्रों में मगरमच्छ और सांप छोड़ने पर विचार कर रहा है। यह चर्चा नौ फरवरी को दिल्ली में बीएसएफ के मुख्यालय में हुई थी। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह विचार बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सामने आया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस सीमा का लगभग 856 किलोमीटर हिस्सा बिना बाड़ के है, जो घने जंगल और नदियों जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण है। हालांकि, स्थानीय कमांडरों ने इस योजना की व्यावहारिकता पर संदेह जताया है, यह कहते हुए कि नदियों वाले क्षेत्रों में रेंगने वाले जीवों को छोड़ने से स्थानीय लोगों के लिए समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, सीमा को सुरक्षित करने के लिए विभिन्न तकनीकी उपकरणों और निगरानी गैजेट की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है।
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यदि यह योजना लागू होती है, तो स्थानीय निवासियों को मगरमच्छ और सांपों की उपस्थिति के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
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