भारत में ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस में लचीलापन: कर्मचारी चुनेंगे अपने फायदे
ऑफिस से मिलने वाले बीमा में अब खुद चुनें फायदे, पेट इंश्योरेंस और मेंटल हेल्थ भी शामिल, जानें नया ट्रेंड
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत में ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस का बाजार लचीला हो रहा है, जहां कर्मचारी अपनी जरूरत के अनुसार बीमा चुन सकते हैं। कंपनियां अब 'पॉइंट्स' पर आधारित पॉलिसी पेश कर रही हैं, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य और पालतू जानवरों का बीमा भी शामिल है। यह बदलाव युवा कर्मचारियों की पसंद के कारण हो रहा है।
- 01ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस में लचीलापन बढ़ा है, कर्मचारी अपनी जरूरत के अनुसार बीमा चुन सकते हैं।
- 02बीमा कंपनियां पॉइंट्स पर आधारित पॉलिसी पेश कर रही हैं।
- 0360-70% कर्मचारी खुद अपनी पसंद के विकल्प चुनते हैं।
- 04नई पॉलिसी में मानसिक स्वास्थ्य और पालतू जानवरों का बीमा शामिल है।
- 05इस मॉडल का कुल प्रीमियम का केवल 5% हिस्सा है।
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भारत का ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस बाजार अब लचीला हो गया है, जहां कंपनियां कर्मचारियों को अपनी जरूरत के अनुसार बीमा चुनने की अनुमति दे रही हैं। पहले एक जैसी पॉलिसी होती थी, लेकिन अब 'पॉइंट्स' पर आधारित पॉलिसी का चलन बढ़ रहा है। इस मॉडल के तहत, यदि किसी कंपनी का बजट प्रति कर्मचारी 15,000 रुपये है, तो इसे पॉइंट्स में बदला जाता है। कर्मचारी इन पॉइंट्स का उपयोग विभिन्न सुविधाओं जैसे दांतों और आंखों के इलाज, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और पालतू जानवरों के बीमा के लिए कर सकते हैं। इस बदलाव का मुख्य कारण युवा कर्मचारियों की बढ़ती मांग है, जो अपनी पसंद के अनुसार बीमा विकल्प चुनना चाहते हैं। हालांकि, यह नया मॉडल अभी कुल प्रीमियम का केवल 5% है, क्योंकि इसे संचालित करने के लिए बेहतर डेटा और तकनीक की आवश्यकता होती है।
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यह बदलाव कर्मचारियों को उनकी स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार बीमा चुनने की स्वतंत्रता देता है, जिससे वे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
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