भारत की पहली कोयला गैसीकरण परियोजना का समझौता, ₹25,000 करोड़ का निवेश
₹25,000 करोड़ की मेगा परियोजना! भारत की पहली कोयला गैसीकरण डील
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भारत में ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए पहली स्वदेशी कोयला गैसीकरण परियोजना का समझौता हुआ है। ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में स्थापित इस परियोजना में ₹25,000 करोड़ का निवेश होगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन होगा।
- 01भारत की पहली स्वदेशी कोयला गैसीकरण परियोजना का समझौता हुआ।
- 02इस परियोजना का कुल निवेश ₹25,000 करोड़ है।
- 03लखनपुर में स्थापित परियोजना की क्षमता 2,000 टन प्रतिदिन है।
- 04इससे भारत में ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
- 05सरकार ने कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने के लिए ₹8,500 करोड़ का व्यय मंजूर किया है।
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भारत में ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए पहली स्वदेशी कोयला गैसीकरण परियोजना का समझौता ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में किया गया है। इस परियोजना के लिए ₹25,000 करोड़ का अनुमानित निवेश होगा और इसकी क्षमता 2,000 टन प्रतिदिन है। यह समझौता भारत कोल गैसिफिकेशन ऐंड कैमिकल लिमिटेड (बीसीजीसीएल) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के बीच हुआ है। इस परियोजना से अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन होगा, जो उर्वरकों और खनन में महत्वपूर्ण है। कोयला मंत्रालय ने इस परियोजना को प्रोत्साहन देने के लिए नीतिगत बदलाव किए हैं, जिससे भारत के विशाल कोयला भंडार के नए अवसर खुलेंगे। केंद्र सरकार ने पहले ही इस परियोजना के लिए ₹1,350 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की है। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस परियोजना के रणनीतिक महत्त्व पर प्रकाश डाला और बताया कि सरकार आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि के अनुरूप कोयला क्षेत्र को बदलने के लिए प्रयासरत है।
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इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उर्वरक उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को लाभ होगा।
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