ईरान की नाकेबंदी से तेल आपूर्ति पर पड़ेगा बड़ा असर
मार्केट में रोजाना नहीं आएगा 31 करोड़ लीटर तेल, होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी का होगा ऐसा असर
Aaj Tak
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अमेरिकी सेना ने ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी है, जिससे रोजाना 20 लाख बैरल (लगभग 31 करोड़ लीटर) कच्चा तेल बाजार में नहीं आएगा। यह स्थिति वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकती है, विशेषकर एशिया में।
- 01अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू की।
- 02नाकेबंदी से रोजाना 20 लाख बैरल कच्चा तेल बाजार में नहीं आएगा।
- 03ईरान के 11 प्रमुख पोर्ट्स में से 8 पूरी तरह ब्लॉक होंगे।
- 04इस नाकेबंदी से एशिया की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है।
- 05ब्रिटेन ने अमेरिकी नाकेबंदी योजना का समर्थन करने से इनकार किया।
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अमेरिकी सेना ने सोमवार को ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की नाकेबंदी की घोषणा की है, जिससे रोजाना 20 लाख बैरल (लगभग 31 करोड़ लीटर) कच्चा तेल बाजार में नहीं आएगा। इस नाकेबंदी का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ेगा, विशेषकर एशिया में, जहां ईरान का अधिकांश तेल निर्यात होता था। Kpler के डेटा के अनुसार, ईरान ने मार्च में औसतन 1.84 मिलियन बैरल कच्चा तेल निर्यात किया। नाकेबंदी के कारण ईरान के 11 प्रमुख पोर्ट्स में से 8 पूरी तरह ब्लॉक हो जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज नाकेबंदी का उल्लंघन करेगा, उसे समुद्र में नष्ट कर दिया जाएगा। इस बीच, ब्रिटेन ने इस नाकेबंदी योजना का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया है।
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इस नाकेबंदी के कारण एशिया में तेल की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है, जिससे तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।
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