तेल कीमतों में वृद्धि से भारतीय रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 0.7% गिरा
तेल कीमतों में उछाल से रुपया फिसला, डॉलर के मुकाबले 0.7% गिरावट; बॉन्ड यील्ड भी चढ़ी
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भारतीय रुपया सोमवार को डॉलर के मुकाबले 0.7% गिरकर 93.38 पर बंद हुआ, जो कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और ईरान के साथ शांति वार्ता टूटने के चलते हुआ। इस स्थिति ने सरकारी बॉन्ड यील्ड में भी बढ़ोतरी की, जो 6.97% तक पहुंच गई।
- 01रुपया 0.7% गिरकर 93.38 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
- 02कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई की चिंताएं बढ़ी हैं।
- 03बॉन्ड यील्ड 6.97% तक पहुंची, जो महंगाई की संभावनाओं को दर्शाती है।
- 04रुपया एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रही।
- 05विदेशी फंड की आवक में सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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सोमवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 0.7% गिरकर 93.38 पर बंद हुआ। यह गिरावट ईरान के साथ शांति वार्ता टूटने और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 102.52 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जिससे भारत के आयात बिल और महंगाई की चिंताएं बढ़ गईं। इस स्थिति ने सरकारी बॉंड यील्ड को भी प्रभावित किया, जो 6.97% तक पहुंच गई। बाजार में इस गिरावट के बावजूद, कुछ व्यापारियों ने कीमतों में सुधार की उम्मीद में अपनी पोजीशन को वापस खरीदना शुरू किया। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपया और बॉंड यील्ड आगे चलकर वैश्विक घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील रहेंगे।
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कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं, जो आम लोगों के लिए महंगाई दर में वृद्धि का कारण बन सकती हैं।
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