ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई में बढ़त, दलहन और मोटे अनाज में खास उछाल
ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई में हल्की बढ़त, दलहन-मोटे अनाज में तेज उछाल
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ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई में हल्की बढ़त देखी जा रही है, जो 58.29 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। दलहन फसलों में 25% और मोटे अनाज में 8% की वृद्धि हुई है, जबकि धान की बोआई में 7.58% की कमी आई है।
- 01ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई 58.29 लाख हेक्टेयर तक पहुंची।
- 02धान की बोआई में 7.58% की कमी आई है।
- 03दलहन फसलों में 25% की वृद्धि हुई है।
- 04मोटे अनाज की बोआई में 8% की बढ़ोतरी हुई है।
- 05तिलहनों के रकबे में भी 4.18% की वृद्धि दर्ज की गई।
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ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई में सुधार हो रहा है, जो अब 58.29 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 57.80 लाख हेक्टेयर की तुलना में 0.83% अधिक है। हालांकि, धान की बोआई में कमी आई है, जो 30.12 लाख हेक्टेयर रह गई है, जबकि पिछले वर्ष यह 32.59 लाख हेक्टेयर थी, इस प्रकार इसमें 7.58% की कमी आई है। दूसरी ओर, दलहन फसलों की बोआई में 25% की वृद्धि हुई है, जो 8.79 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। मोटे अनाज (श्री अन्न) का रकबा भी 11.64 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष के 10.77 लाख हेक्टेयर से 8% अधिक है। तिलहनों के रकबे में भी वृद्धि हो रही है, जो 7.74 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
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किसानों के लिए फसल चयन में बदलाव से उनकी आय में सुधार हो सकता है।
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